ओरमांझी के सिलदीरी शंकर घाट से 61 दिन से लापता कन्हैया कुमार (12) को पुलिस ने ढूंढ़ निकाला। उसे कोडरमा के चंदवारा थाना क्षेत्र के जामुखांडी से बरामद किया गया। वह वहां एक मछली विक्रेता राजा सहनी के पास था, जिसने पुलिस को बच्चे के बारे में जानकारी दी थी। सीडब्ल्यूसी के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। कन्हैया ने पुलिस को बताया कि 22 नवंबर 2025 को कन्हैया अपनी नानी के घर हाजीपुर गया था। चार दिन बाद वहां से लौटते समय नानी ने किराए के लिए उसे 200 रुपए दिए थे। वह हाजीपुर से बस पर चढ़ गया। लेकिन जब वह कोडरमा के जामुखांड़ी के पास पहुंचा तो कंडक्टर ने यह कहते हुए उसे बस से उतार दिया कि इतने पैसे में रांची या ओरमांझी तक नहीं ले जा सकते। बस से उतरने के बाद वह इधर-उधर भटक रहा था। तब राजा सहनी की नजर उस पर पड़ी। वह उसे अपने घर ले गया। जांच मे पता चला कि बच्चा खुद को हाजीपुर का निवासी बताता था। यही कारण है कि वह बच्चे को परिजनों तक नहीं पहुंचा पा रहा था। झारखंड में बढ़े लापता बच्चों के आंकड़े वर्ष लापता बरामद 2024 469 401 2023 576 496 2022 694 560 बच्चा बोला-परिवार परेशान करता है, मछली विक्रेता के पास रहना चाहता हूं कन्हैया ने कहा कि उसके माता-पिता उसे परेशान करते हैं। वह अपने घर नहीं जाना चाहता। राजा के साथ ही रहना चाहता है। उसका वहीं मन लग रहा है। वहां फुटबॉल-क्रिकेट खेलने की आजादी है। अच्छा और भरपेट खाना भी मिलता है। पुलिस ने काफी समझा-बुझाकर उसे ओरमांझी लेकर आई और बच्चे को सौंपा। गौरतलब है कि परिजनों के मुताबिक वह ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास फुटबॉल खेलने गया था। तभी वह लापता हो गया। काफी ढूंढ़ने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो 11 दिसंबर 2025 को केस दर्ज कराया। एएसआई की लापरवाही से 54 दिन परेशानी चंदवारा थाने में तैनात एएसआई दिलीप कुमार मंडल की छोटी सी लापरवाही के कारण बच्चे के परिजन ओर रांची पुलिस 54 दिन तक परेशान रही। मछली विक्रेता राजा ने बच्चे के अपने घर पर होने की जानकारी एएसआई दिलीप को दी थी। लेकिन उसने न तो कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस के वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उसने बच्चे को मछली विक्रेता को ही अपने पास रखने की सलाह दी। इधर, पुलिस उसे लगातार ढूंढ़ती रही और उसका कोई पता नहीं चला। वहीं एएसआई ने कहा कि बच्चे की जानकारी उन्हें किसी ने नहीं दी थी। मछली विक्रेता ने सोशल मीडिया पर जब जानकारी साझा की तो उन्होंने परिजनों तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2021 687 578 2020 597 515 2019 576 493 2018 568 469 मछली विक्रेता ने कहा कि बच्चा सही-सही एड्रेस नहीं बता पा रहा था। उन्होंने बच्चे की पहचान के लिए सोशल मीडिया पर कई ग्रुप में उसकी जानकारी साझा की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। बाद में सोशल मीडिया पर ओरमांझी के एक बच्चे के लापता होने की खबर पढ़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच सोमवार को चंदवारा पुलिस को गुमशुदा बच्चे के होने की सूचना मिली। चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार जामुखांड़ी पहुंचे और बच्चे को बरामद कर लिया। फिर जानकारी एसपी अनुदीप सिंह को दी। अनुदीप सिंह ने बच्चे की तस्वीर रांची के एसएसपी राकेश रंजन को भेजकर सत्यापन कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि बच्चा ओरमांझी से लापता कन्हैया कुमार ही है। इसके बाद रांची पुलिस उसे लेकर आई।


