सोमवार को सर्राफा बाजार खुलते ही चांदी ने एक बार फिर ग्राहकों की नींद उड़ा दी। बीकानेर सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमतों ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया। एक जनवरी 2025 को जहां चांदी 90,500 प्रति किलो थी, वहीं महज 13 महीनों में यह तीन लाख रुपए के पार पहुंच गई। इस रिकॉर्ड तेजी ने न सिर्फ आम ग्राहकों को चिंता में डाला है, बल्कि बाजार की दिशा को लेकर निवेशकों में भी असमंजस पैदा कर दिया है। सोमवार को चांदी के भावों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चांदी (आरटीजीएस) की कीमतें उच्चतम 3,04,027 प्रति किलो हो गई। हालांकि कुछ ही घंटों में यह नीचे में 2,96,704 प्रति किलो हो गई। इसके बाद एक बार फिर चांदी में उतार-चढ़ाव आया। चांदी (हाजिर बाजार) में उच्चतम 2,99,027 प्रति किलो तथा नीचे में 2,84,624 प्रति किलो के भाव रहे। इसी तरह सोने में भी ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई, सोमवार को सोना (आरटीजीएस) की कीमतें 1,46,977 से 1,48,365 प्रति 10 ग्राम तथा सोना (हाजिर) 1,46,877 से 1,48,365 प्रति 10 ग्राम के भाव रहे। चांदी और सोने की मौजूदा कीमतें इतिहास रच रही हैं, लेकिन यह तेजी जितनी आकर्षक है, उतनी ही जोखिम भरी भी। जहां निवेशकों के चेहरे खिले हैं, वहीं आम ग्राहक बाजार से दूर होता जा रहा है। पिछले साल से अब तक, कीमतों का पूरा गणित
1 जनवरी 2025 को चांदी, 90,500 प्रति किलो थी। वहीं सोना जेवराती 74,300 प्रति 10 ग्राम तथा सोना बिठुर 78,800 प्रति 10 ग्राम के भाव थे। सोमवार 19 जनवरी को चांदी के भाव 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। वहीं सोना 1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव रहे। इस प्रकार देखा जाए तो पिछले एक साल में चांदी में बढ़ोतरी करीब 231% तथा सोने में बढ़ोतरी करीब 99% की हुई है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि बीते एक साल में कीमती धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। सर्राफा बाजार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि पुरानी चांदी बेचने वालों की संख्या जरूर बढ़ी है। लोग पुराने सिक्के, बर्तन बेच रहे हैं।


