भोपाल कोर्ट ने लव जिहाद के झूठे मामले में फंसे युवक साहिल खान को बरी कर दिया है। कोर्ट ने आदेश में माना है कि साहिल और युवती के बीच पैसों का लेन-देन होता था। ऐसे में पैसों के विवाद के चलते ही युवती ने साहिल के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया होगा। इस मामले में फैसला विशेष न्यायाधीश राजर्षि श्रीवास्तव ने सुनाया है। मामला जहांगीराबाद थाना का है। साहिल 9 महीने 22 दिन जेल में रहा।
युवती ने थाने में शिकायत की थी कि 14 दिसंबर 2020 से 28 सितंबर 2024 के बीच अपना असली नाम छिपाकर साहिल ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। उस समय साहिल ने अपना नाम राहुल बताया था। वह उसे हर समय मैसेज करता था। इसके बाद उसने साहिल से बात करनी शुरू कर दी। इसके बाद साहिल ने उससे कहा कि वो उसके साथ जहांगीराबाद उसके घर चले। परिवार वालों से वो शादी की बात करेगा। लेकिन, घर पहुंचने पर वहां कोई नहीं था। साहिल ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। कोर्ट में पैसों के लेन- देन की बात स्वीकारी
युवती ने कोर्ट में बताया कि साहिल और उसके बीच पैसों की लेन-देन होता था। युवती ने बताया कि जब भी उसे पैसों की जरूरत होती थी, साहिल उसे पैसे देता था। उसने करीब 12 हजार रुपए दिए होंगे। इस पर कोर्ट ने माना है कि साहिल द्वारा पैसे वापस मांगने पर युवती ने झूठा केस दर्ज कराया होगा।


