भोपाल कोर्ट में सोमवार को डाउ कैमिकल मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान डाउ कैमिकल की ओर से कोर्ट में अपना पक्ष रखा गया। डाउ का कहना है कि यूनियन कार्बाइड कॉर्पोरेशन (यूसीसी) से कोई लेना-देना नहीं है। डाउ एक रिवर्स ट्राइएंगुलर मर्जर हैं। यानी इस मर्जर के बाद भी यूनियन कार्बाइड का अस्तित्व है। डाउ की ओर से बहस करते हुए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट रवींद्र श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट में एनजीओ की ओर से आवेदन लगाया गया था। कोर्ट ने डाउ को पेश होने के लिए नोटिस भेज दिया था, जबकि भोपाल कोर्ट को इस मामले में सुनवाई करने का क्षेत्राधिकार नहीं है। साथ ही नोटिस यूनियन कार्बाइड को जाना चाहिए था। सुनवाई में भोपाल से सीनियर एडवोकेट संदीप गुप्ता भी मौजूद रहे।
मामले में डाउ कैमिकल की ओर से कोर्ट में 2 घंटे तक बहस की गई। इसके बाद डाउ ने कहा कि उनको अपने तर्क रखने के लिए समय दिया जाए। इ स पर कोर्ट ने 2 फरवरी 2026 को अगली सुनवाई के लिए तारीख तय की है।


