आजमगढ़ मंडल के डीआईजी वैभव कृष्ण ने पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं की जो भी जिले में साइबर ठगी की घटनाएं हो रही है। जिसमें साइबर ठगी ₹50000 से अधिक की है। और ऐसे पैसों को बैंकों द्वारा होल्ड कर दिया गया है। इन पैसों को पीड़ितों को उपलब्ध कराया जाए। बड़ी संख्या में ऐसे पीड़ित सामने आए हैं। जिनके पैसे बैंकों में होल्ड होने के बाद भी उन तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में पीड़ितों तक उनके पैसे पहुंचे इसको लेकर निर्देश दिया गया हैं। डीआईजी के निर्देश के बाद पुलिस के आला अधिकारी मामले को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं। यही कारण है कि आजमगढ़ जिले में साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने पुलिस थाना और साइबर टीम के पुलिसकर्मियों के साथ समीक्षा बैठक कर सभी को यह निर्देश दिए गए की जो भी बड़ी ठगी के मामले हैं जिसमें पैसों को बैंकों में होल्ड कर दिया गया है। इन पैसों को पीड़ितों तक हर हाल में वापस दिलाया जाए। आजमगढ़ पुलिस लाइन में चली समीक्षा बैठक आजमगढ़ की पुलिस लाइन में साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए। इन सभी पुलिस के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी गई कि जो भी साइबर फ्रॉड के बड़े मामले हैं। जिन पैसों को बैंकों में होल्ड कर दिया गया है। उन पैसों को पीड़ितों को वापस कराया जाए। ऐसे में पुलिस पीड़ितों के पैसे वापस कराने में मदद करे। साइबर सेल के नोडल अधिकारी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि इस अभियान से लोगों के उनके पैसे वापस मिलेंगे। इसके साथ ही साइबर ठगी की घटनाओं को रोका भी जा सकेगा। पुलिस विभाग किसी महत्वपूर्ण बैठक में बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।


