कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी मामले में मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार 19 अगस्त 2025 से विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट पर बैठी है, जबकि कानूनन उसे अभियोजन की मंजूरी पर फैसला लेना चाहिए। सीजेआई सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता व जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सोमवार को विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। मामले में गठित एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने कहा- ‘जांच पूरी हो चुकी है और टीम ने मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी है। सरकार 19 अगस्त से एसआईटी की रिपोर्ट पर बैठी है। आज 19 जनवरी है।’ अब माफी काफी नहीं… माफी का वक्त निकल चुका: सुप्रीम कोर्ट
मंत्री विजय शाह की ओर से कहा गया कि माफी रिकॉर्ड पर रखी है। सीजेआई ने कहा- “माफी देने का वक्त निकल चुका है।’’ शाह के पुराने बयान-मामले भी खुलेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को कहा है कि शाह से जुड़े कुछ अन्य कथित बयानों की पूरी जानकारी दें। इन पर क्या कार्रवाई प्रस्तावित है, अलग रिपोर्ट दें। कोर्ट को बताया गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण सरकार ने अभियोजन की मंजूरी पर निर्णय नहीं लिया। इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद फैसला लेना सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने सरकार को दो हफ्ते में अभियोजन मंजूरी पर निर्णय लेकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। 90 दिन में जांच करेंगे… एसआईटी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अब तक 27 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब तक जुटाए गए सबूतों की जांच कर 90 दिनों में जांच पूरी की जाएगी।


