धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड स्थित नुनहेरा गांव में स्कूल तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों और ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय मार्ग किसी तालाब से कम नहीं दिखता। रोजाना छोटे बच्चे फिसलकर गिरते हैं, जिससे उनके कपड़े कीचड़ में सन जाते हैं और उन्हें मामूली चोटें भी आती हैं। बच्चों के लिए कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना एक दैनिक मजबूरी बन गया है। अभिभावकों का कहना है कि इस दुर्दशा के कारण कई परिवार अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने से हिचकिचा रहे हैं। इससे बच्चों की शिक्षा पर सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सरकार के ‘पढ़ेगा इंडिया, तो बढ़ेगा इंडिया’ के नारे के विपरीत यहां की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने जलभराव और रास्ते की मरम्मत के संबंध में जिला व उपखंड प्रशासन को कई बार अवगत कराया है। हालांकि, उनकी शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। प्रशासन की लगातार अनदेखी के बाद मंगलवार को ग्रामीणों और छात्रों का धैर्य टूट गया। उन्होंने विद्यालय मार्ग पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं।
ग्रामीणों ने तत्काल जलनिकासी कराने और स्कूल तक पक्का रास्ता बनाने की मांग की, ताकि बच्चों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होना गंभीर चिंता का विषय है।


