बागीदौरा के 3 गांवों के किसानों को मुआवजा नहीं:किसान बोले- सरकारी सिस्टम की लापरवाही से डेटा अटका, कलक्टर को ज्ञापन सौंपा

बांसवाड़ा की बागीदौरा तहसील के 3 गांवों के किसानों को खरीफ फसल में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण उनका डेटा डीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका, जिससे राहत राशि अटक गई। 77 में से 74 गांवों का डेटा अपलोड किसानों ने बताया कि बागीदौरा तहसील के कुल 77 गांवों में से 74 गांवों का डेटा डीएमआईएस पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड हो चुका है। लेकिन चौखला, चिरोला बड़ा और सेवना गांव इस प्रक्रिया से बाहर रह गए। किसानों का कहना है कि तत्कालीन पटवारी द्वारा सूचना देरी से भेजने और तहसील कार्यालय में समय पर पोर्टल पर एंट्री नहीं होने से यह स्थिति बनी। आदेश के बाद भी नहीं हुआ समाधान किसानों के अनुसार आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर ने 24 अप्रैल को और जिला कलेक्टर कार्यालय ने 25 अप्रैल को सभी उपखंड अधिकारियों को डेटा फीडिंग के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद इन तीन गांवों का डेटा अपलोड नहीं हुआ और किसानों को मिलने वाली सहायता राशि रुक गई। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन सोमवार को प्रभावित किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डीएमआईएस पोर्टल को दोबारा खुलवाने और मुआवजा भुगतान की मांग की। किसानों ने कहा कि शेष ग्राम पंचायतों का डेटा अपलोड कर जल्द से जल्द उनके बैंक खातों में राहत राशि डाली जाए। आंदोलन की चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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