आलीराजपुर जिले के फुलमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर नीतू माथुर को ज्ञापन सौंपकर जनआंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने बताया कि फुलमाल पीएचसी में वर्तमान में केवल एक स्टाफ नर्स कार्यरत है। यहां कोई स्थायी डॉक्टर या अन्य सहायक स्टाफ नहीं है। इसके चलते हजारों ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी 35 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। डॉक्टर और स्टाफ की कमी के कारण 24×7 प्रसव सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार न मिलने से जच्चा-बच्चा के जीवन को खतरा बना रहता है। कई बार परिजनों को निजी अस्पतालों या अप्रशिक्षित स्थानीय चिकित्सकों की मदद लेनी पड़ती है। अस्पताल परिसर में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां न बोरवेल है और न ही नल की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पानी के अभाव में इलाज संभव नहीं है। जल्द नियुक्ति की मांग फुलमाल और आसपास की पंचायतों के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में जल्द से जल्द एक स्थायी एमबीबीएस डॉक्टर, कम से कम दो नर्सिंग ऑफिसर, अस्पताल परिसर में बोरवेल और 24×7 प्रसव सुविधा के साथ जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र जनआंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है, “इलाज हमारा अधिकार है, भीख नहीं।”


