इंदौर के भागीरथपुरा में आया पानी, लोगों ने नहीं भरा:रहवासी बोले- मन का डर नहीं गया, टैंकर का पानी भी उबाल कर इस्तेमाल करते

इंदौर के भागीरथपुरा में अभी क्षेत्र के दूसरे हिस्से में पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है, जबकि 13 जनवरी से एक दिन छोड़कर करीब 30% हिस्सों में पानी की सप्लाई की जा रही है। दरअसल, यह सप्लाई खासतौर पर पानी के सैंपल लेने के उद्देश्य से की जा रही है। मंगलवार को भी पानी की सप्लाई की गई, लेकिन लोगों ने पानी नहीं भरा। उनका कहना है कि मन में डरा भरा हुआ है। कोई भरोसा नहीं कब गंदा पानी आ जाए। यहां आज भी टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। इलाके में पानी की आपूर्ति के लिए 50 टैंकर लगाए गए हैं। साथ ही यहां नर्मदा लाइन और ड्रेनेज लाइन का बचा हुआ काम भी चल रहा है। पढ़िए…रहवासियों ने क्या कहा रहवासी अर्चना यादव ने बताया कि जो पानी सप्लाई हो रहा है, उसका इस्तेमाल पीने के लिए नहीं कर रहे हैं, क्योंकि मन का डर अभी नहीं निकला है। सभी लोगों की स्थिति यही है और सभी सावधानी बरत रहे हैं। हालांकि, पानी के टैंकर घर-घर आ रहे हैं। पीने के लिए भी टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है। टैंकर से पानी आते समय अनाउंसमेंट किया जाता है कि टैंकर के पानी को भी उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें और अभी सावधानी बरतें। लोग वैसा ही कर भी रहे हैं, लेकिन पीने के लिए अलग से पानी खरीदकर ला रहे हैं। वे 2 से 3 केन पानी खरीदते हैं। रहवासी शोभा पाटिल ने बताया कि मन नहीं मानता इसलिए हम पीने के लिए आरओ का पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं। डर का माहौल तो है। आज सप्लाई आई, लेकिन हमने पानी नहीं भरा, नल ही नहीं खोला। पहले जब नल खोला था तो मिट्टी और गंदा पानी आया था। आज करीब 10 मिनट के लिए पानी आया था। इस्तेमाल के लिए अलग और पीने के लिए अलग टैंकर आता है। रहवासी सुमित्रा गुर्जर ने बताया कि पानी का इस्तेमाल उबालकर कर रहे हैं। आरओ का पानी भी उबाल रहे हैं। आज जो पानी लाइन से आया, उसे नहीं भरा और टैंकर का पानी उपयोग कर रहे हैं। मेरी तबीयत भी खराब हो गई थी। उल्टी-दस्त की शिकायत भी हुई थी। डर तो हमेशा के लिए बैठ गया है- कब गंदा पानी आ जाए, कब क्या हो जाए। नर्मदा का पानी भी आए तो कैसे पिएंगे, यह डर बना हुआ है। कोई भरोसा नहीं कि कब गंदा पानी आ जाए। पार्षद बोले- धीरे-धीरे आत्मविश्वास आएगा भागीरथपुरा के पार्षद कमल वाघेला ने बताया कि मंगलवार को नर्मदा लाइन से 30% इलाके में पानी की सप्लाई की गई है। साथ ही लोगों से पानी छानकर और उबालकर उपयोग करने की अपील की गई है। बची हुई सप्लाई लाइन का करीब 70% काम पूरा हो चुका है। संभवतः अगले 8 दिनों में सप्लाई लाइन का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी भी लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि बड़ी घटना हुई है। धीरे-धीरे ही लोगों का आत्मविश्वास लौटेगा। जिन हिस्सों सप्लाई हो रही, वहां 5 हजार मकान अभी जिस 30% हिस्सों में पानी सप्लाय किया जा रहा है उसमें मुख्य मार्ग, नई बस्ती और आसपास के क्षेत्र हैं। यहां करीब 5 हजार से मकान हैं और आबादी करीब 17 हजार है। मामले में जब भी सैंपलों की फाइनल रिपोर्ट आएगी और पानी के अधिकृत रूप से उपयोग की घोषणा होगी तो पहले इन क्षेत्रों की 17 हजार आबादी को स्वच्छ पानी मिलेगा जबकि अन्य हिस्सों में भी काम चल रहा है। वार्ड और आईसीयू में 7-7 मरीज एडमिट भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 लोगों की मौत के बाद अब नए मरीजों के एडमिट होने का सिलसिला थमा है। सोमवार को वार्ड में एडमिट एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया जबकि एक मरीज को आईसीयू में रेफर किया गया। अब वार्ड और आईसीयू में 7-7 मरीज एडमिट हैं। इनमें से तीन वेंटिलेटर पर हैं। सोमवार को ओपीडी में डायरिया के 9 मरीज आए जिन्हें एडमिट होने की जरूरत नहीं पड़ी। पिछले दिनों पानी सप्लाय के दौरान मेयर पुष्यमित्र भार्गव और क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने खुद पानी पीया था और स्वच्छ पानी होने के प्रति विश्वास जगाया था। उधर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी जागरूकता बतौर पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है।

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