डूंगरपुर में सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। इधर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के 7वें दिन कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया को फिर से निलंबित कर दिया है।
डीएलबी निदेशक ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए है। नरेन्द्र खोड़निया पर पद का दुरुपयोग करने, गलत पट्टे जारी करने ओर नाले की जमीन पट्टा देने के आरोप है। इसके बाद सागवाड़ा नगरपालिका में एक बार फिर राजनीति गर्मा गई है। डीएलबी निदेशक ने जारी किए आदेश
स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक और विशिष्ट सचिव जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर ने मंगलवार को सागवाड़ा नगर पालिका के नरेंद्र खोड़निया को निलंबित करने के आदेश जारी किए है। आदेश में बताया कि नरेन्द्र खोड़निया ने सागवाड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष पद पर रहते हुए पद का दुरुपयोग किया और गलत पट्टे जारी किए। खुद के नाम का पट्टा किया था जारी
शिकायत पर उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग उदयपुर से जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में बताया कि नरेंद्र खोड़निया ने खुद की अध्यक्षता में गठित एम्पावर्ड कमेटी में स्वयं के नाम का पट्टा – 69(ए) के तहत जारी कर दिया। एंपावर्ड कमेटी में अतिरिक्त जमीन का अतिरिक्त शुल्क लिए बिना ही पट्टा दे दिया। नरेश कुमार पाठक, अखिलेश पाठक, मोतीलाल पटेल को अनैतिक लाभ पहुंचाने के लिए कंकू, मीना, राधा और अन्य सुखी पत्नी देवीलाल रोत, रमण पुत्र कचरू ननोमा की जमीन ग्रीन बेल्ट और नाले की जमीन को कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर आवासीय पट्टे जारी कर दिए। भाई, भतीजे के नाम से पट्टे जारी किए थे
सागवाड़ा में अलग-अलग खसरे की कुल 2.06 बिस्वा 4462 वर्गगज जमीन को 90बी के तहत प्लान स्थापित कर 23 जून 2011 को प्रस्तुत किया। वही 2 अलग-अलग खसरों में 7275 वर्गगज जमीन का भी प्लान सत्यापित कर 23 जून 2011 को प्रस्तुत किया था। इसे कूटरचना कर अपने भाई संतोष कुमार खोड़निया के नाम से 7 जनवरी 2022 को पट्टा क्रमांक 64 और उनके बेटे सुमित खोड़निया के नाम से पट्टा क्रमांक 66 कच्ची बस्ती क्षेत्र का बताकर पट्टे जारी कर दिए। इसमें नरेंद्र खोड़निया ने अध्यक्ष रहते अपने पद का दुरुपयोग किया। जिसमें मूल सत्यापित प्लान में 30 फीट सड़क को अपने भाई और भतीजे को अनैतिक लाभ पहुंचाते हुए पट्टे जारी कर दिए और मूल सत्यापित प्लान में 30 फीट सड़क की पूरी जमीन हड़प ली। इस जमीन को 90बी के तहत संपरिवर्तन के तहत नियम विरुद्ध पट्टा बनाया। नोटिस का जवाब भी नहीं दिया
जांच में दोषी पाए जाने पर अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस दिया। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वही नरेंद्र खोड़निया के सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद पर रहते हुए न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना को देखते हुए निलंबित कर दिया है। पहली बार 10 अप्रैल 2025 को हुए थे निलंबित
सागवाड़ा पालिका के अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया को 10 अप्रैल 2025 को सरकार ने निलंबित कर दिया था। उन्हें सागवाड़ा नगरपालिका का भवन गिराकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में निलंबित किया गया था। इसके बाद 12 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर स्टे आदेश जारी कर दिए थे। जिस पर 14 जनवरी को नरेंद्र खोड़निया सागवाड़ा नगर पालिका में फिर से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए थे। भाजपा और कांग्रेस के दोनों नेता अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे
इसके बाद 15 जनवरी को कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया और भाजपा के आशीष गांधी दोनों ही सागवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे थे। दोनों ने खुद को नगर पालिका का अध्यक्ष बताया। ऐसे में सागवाड़ा नगर पालिका में अध्यक्ष को लेकर असमंजस बढ़ गया था। वही सागवाड़ा नगर पालिका के अधिशाषी अभियंता ने भी मामले को लेकर सरकार से मार्गदर्शन की बात कही थी। सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद को लेकर घमासान:अध्यक्ष की टेबल पर लगी 2 कुर्सियां, कांग्रेस-भाजपा समर्थित अध्यक्ष बैठे डूंगरपुर में सागवाड़ा नगरपालिका में कांग्रेस नेता नरेंद्र खोड़निया की ओर से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद दूसरे दिन 15 जनवरी को 2 कुर्सियां लग गई। एक कुर्सी पर कांग्रेस के नरेंद्र खोड़निया तो दूसरी पर भाजपा के आशीष गांधी पर बैठे। (पढ़िए पूरी खबर)


