उदयपुर कलेक्ट्रेट के बाहर मंगलवार को किन्नर समुदाय के आपसी विवाद का मामला उस समय सार्वजनिक हो गया, जब मुकेश उर्फ स्वीटी किन्नर सड़क पर धरने पर बैठ गई। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्वीटी किन्नर को एसपी से मिलवाया, जहां उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। स्वीटी किन्नर का आरोप है कि गत 19 दिसंबर को उसने गोवर्धन विलास थाना पुलिस को अपने ही समुदाय के कुछ लोगों द्वारा लगातार परेशान किए जाने और बदनाम करने की शिकायत दी थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई स्वीटी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी वह लगातार गोवर्धन विलास थाने के चक्कर काट रही थी, लेकिन मामले में ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी से आक्रोशित होकर वह कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंची और बीच सड़क पर बैठकर अपनी पीड़ा जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राहगीरों की भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर स्थिति को संभालते हुए स्वीटी को समझाइश की। बाद में उसे पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के समक्ष पेश किया गया, जहां पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। पुलिस अधिकारियों के भरोसे के बाद स्वीटी किन्नर ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया, तब जाकर स्थिति पूरी तरह शांत हुई।


