रीवा में रिश्वत लेकर फरार आरोपी को छोड़ने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। मामला थाना सिविल लाइन से जुड़ा है। 112 वाहन में तैनात आरक्षक पंकज मिश्रा ने आरोपी से उसे छोड़ने की एवज में रिश्वत ली। इसकी शिकायत सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा ने की। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिवेदन के आधार पर उसे सस्पेंड कर दिया। पूरा मामला मंगलवार का है। बताया गया कि शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। बताया गया कि रवि दहिया, जो कोरेक्स बेचने के एक मामले में फरार चल रहा था, उसे आरक्षक पंकज मिश्रा ने विद्या हॉस्पिटल के पास से पकड़ा। जिसे थाने ले जाने के बजाय एक निजी होटल में ले जाकर आरोपी को छोड़ने के बदले बड़ी राशि नकद ले ली। इसके अलावा मोबाइल वापस दिलाने और ट्रैकिंग से बचाने के नाम पर आरोपी से अतिरिक्त वसूले जाने का भी आरोप है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब इसकी शिकायत थाना प्रभारी के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधी सेल से पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच कराई गई। एडिशनल एसपी आरती सिंह ने मामले पर कहा कि शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच कराई गई थी, जिसमें आरक्षक द्वारा गंभीर अनियमितता और भ्रष्ट आचरण सामने आया है। इसी आधार पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है। थाना प्रभारी से शिकायती प्रतिवेदन मिला था। उन्होंने कहा कि मामले की विभागीय जांच जारी है और यदि आरोप पूरी तरह प्रमाणित होते हैं, तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त किए जाने तक की कार्रवाई संभव है।


