फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन को लेकर मंगलवार को नेपाल हाउस स्थित अपर मुख्य सचिव के कार्यालय कक्ष में स्टेट टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण हुई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। बैठक में 10 फरवरी से शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान (एमडीए) की रणनीति, चुनौतियों और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में तय हुआ कि एमडीए-2026 के तहत 10 फरवरी से रांची समेत राज्य के 14 जिलों बोकारो, देवघर, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, कोडरमा, लोहरदगा, पाकुड़, रामगढ़, साहेबगंज और सिमडेगा के 87 चिह्नित प्रखंडों और 14,496 गांवों में अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत लगभग 1.75 करोड़ आबादी को प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। बैठक में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम पर भी मंथन किया गया। बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, उप निदेशक डॉ. लाल माझी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। झारखंड में 57 हजार से अधिक मरीज पंजीकृत : विश्व स्तर पर 72 देश इससे प्रभावित हैं और करीब 88.8 करोड़ लोग जोखिम में हैं। भारत में अब तक लगभग 6 लाख लिम्फोडेमा और 2 लाख हाइड्रोसील मरीज चिन्हित किए गए हैं। वहीं झारखंड में 57,436 लिम्फोडेमा मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं।


