शहर में 16 हजार नई स्ट्रीट लाइटें लगेंगी, पुरानी 60 हजार की होगी मरम्मत

राजधानी रांची में नए बसावट वाले क्षेत्रों में 16 हजार नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसके लिए नगर निगम ने सर्वे कराकर सूची तैयार की है। इसमें कई मुहल्ले ऐसे हैं जहां अभी तक स्ट्रीट लाइट लगी ही नहीं है। इसके अलावा पहले से लगे 60 हजार स्ट्रीट लाइटों का ऑपरेशन और मेंटनेंस भी होगा। इसके लिए नई एजेंसी का चयन किया जाएगा। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने रांची नगर निगम और गिरिडीह नगर निगम में नए स्ट्रीट लाइट लगाने और पुराने लाइटों के ऑपरेशन-मेंटनेंस के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की है। स्ट्रीट लाइट का ऑपरेशन और मेंटनेंस का काम पांच सालों के लिए एजेंसी को दिया जाएगा। जुडको ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। 10 फरवरी को इसका टेंडर खुलेगा। इसमें चयनित एजेंसी को सर्वे के अनुसार लाइटों की मरम्मत करने का काम दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात है कि नगर निगम क्षेत्र में नई लाइट लगाने और पुरानी लाइटों के ऑपरेशन-मेंटनेंस का काम नगर निगम को करना है। लेकिन इसके लिए जुडको ने टेंडर जारी किया है। सबसे बड़ी बात है कि निगम से इससे संबंधित कोई पत्राचार भी नहीं किया गया। इसलिए निगम के अधिकारियों ने फिलहाल इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। एजेंसी से समझौता समाप्त, 7 हजार से अधिक लाइटें खराब रांची नगर निगम क्षेत्र में ईईएसएल कंपनी को लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। कंपनी ने 40 हजार से अधिक लाइट लगाई। लाइटों के ऑपरेशन-मेंटनेंस का काम ईईएसएल ही करती थी। लेकिन पिछले साल ही कंपनी से एग्रीमेंट समाप्त हो गया। इसके बाद निगम ने ईईएसएल का बकाया करीब 22 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कंपनी ने काम करना बंद कर दिया। इसका नतीजा है कि अभी भी सात हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब है। सैकड़ों मुहल्ले अंधेरे में डूब जाते हैं। स्विच-बोर्ड, तार खराब होने से नहीं होती है मरम्मत नगर निगम क्षेत्र में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों काफी पुरानी हो गई है। इस वजह से मुख्य सड़कों को छोड़कर मुहल्लों में लगाई गई अधिकतर लाइटों का स्विच-बोर्ड खराब है। तार काफी पुराने हो गए हैं। इस वजह से अक्सर लाइटें खराब हो जाती है। निगम में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी एक-एक माह तक लाइटों की मरम्मत नहीं होती। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगताना पड़ रहा है। चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। नई एजेंसी के आने से क्या होगा फायदा नई एजेंसी के आने से पुरानी लाइटों की मरम्मत होगी। लाइट, स्वीच-बोर्ड बदले जाएंगे। नए तार लगेंगे। इससे मुहल्ले रोशन होंगे। नई लाइटों की खरीदारी होने से वैसे मुहल्ले जहां अभी तक लाइट नहीं है वहां लाइटें लगेगी। लोग सुरक्षित महसूस करेंगे। नई लाइटों में टाइमर भी लगेगा। इससे सुबह-शाम निर्धारित समय पर लाइट ऑन-ऑफ होगी।

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