विक्की कुमार | अमृतसर नंगली सर्किल के पटवारी अमित बहल का मुरादपुरा में तबादला किए जाने के बाद पटवारी रछपाल सिंह को चार्ज दिया गया। लेकिन नए पटवारी अभी भी कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। इसका कारण पटवारी अमित बहल द्वारा अपने साथ 2 रोजनामचे, 500-600 इंतकाल की गई 4-5 जिल्दे, फीसों का लेन-देन लिखने वाला रजिस्टर और नंगली गांव का मैप ले जाना है। हैरानी की बात है कि सरकारी रिकॉर्ड होने के बावजूद पटवारी सारा रिकार्ड अपने साथ किस तरह से ले गया। रोजनामचा तो रोजाना का काम करने का दस्तावेज है, जिसके बावजूद काम करना मुश्किल है। यहीं कारण है कि 12 दिनों के बाद भी पटवारी रछपाल सिंह काम नहीं कर पा रहा है। डीसी दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि कि उन्हें सारे मामले के बारे पता है। जो-जो रिकॉर्ड पुराने पटवारी के पास है, उस संबंधी एक्शन जरूर लिया जाएगा। उस संबंधी कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटवारी रशपाल सिंह की ओर से रिकॉर्ड के बारे उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। शायद एसडीएम या तहसीलदार को यह पत्र मिला हो। पटवारी रछपाल सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि वह अभी सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा हूं, क्योंकि उन्हें रोजनामचे ही नहीं दिए गए हैं। पटवारी बहल काफी रिकार्ड अपने साथ ले गया हैं। उनका कहना है कि रोजनामचा में रोजाना डिटेल लिखनी होती है कि किन लोगों के बैंक लोन उनकी जमीनों पर चल रहे हैं, किन्हें क्लीयर सर्टिफिकेट दिया गया है और किन-किन लोगों के इंतकाल किया गया है। इसके अलावा 4-5 जिल्दे वह अपने साथ ले गए है, उसमें कम से कम 500-600 इंतकाल होना है। जो जिल्दे यहां नहीं है, उनके इंतकाल न होने से लोग भी परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक फीसों का लेन-देन वाला रजिस्टर होता है, जिसमें लिखा होता है सरकारी फीस किन-किन लोगों की आई है और किन-किन के इंतकाल होते हैं। इस संबंधी डिप्टी कमिश्नर को भी लिखा हुआ है।


