भास्कर न्यूज़ | कोडरमा जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चांदेडीह निवासी एक महिला ने निजी मेडिकल संचालक और उनकी पत्नी पर बिना योग्य डॉक्टर के प्रसव कराने और ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय, अंडाशय व बड़ी आंत निकाल देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता पिछले करीब एक वर्ष से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक उसे इंसाफ नहीं मिल सका है।बुधवार को पीड़िता अपने माता-पिता के साथ उपायुक्त कोडरमा से मिली और पूरे मामले से अवगत कराते हुए न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता ने उपायुक्त के अलावा पुलिस अधीक्षक से भी भेंट की। दोनों पदाधिकारियों ने महिला को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पीड़िता के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में उसे कोडरमा स्थित एक निजी मेडिकल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल संचालक ने डॉक्टर बुलाने के बजाय स्वयं और अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसका ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान उसके गर्भाशय, अंडाशय और बड़ी आंत को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई और पेट में कोलोस्टॉमी बैग लगाना पड़ा। बाद में रांची के एक बड़े अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने गलत और लापरवाह ऑपरेशन को गंभीर नुकसान का कारण बताया। मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जेएलकेएम नेता प्रेम नायक ने बुधवार को जिला समाहरणालय में धरना देने की घोषणा की है।


