20 जनवरी 2026 की तड़के लुधियाना में जो हुआ, वह एक आम पुलिस रेड नहीं थी। यह पंजाब सरकार और पुलिस की उस नई रणनीति का खुला प्रदर्शन था, जिसमें अब गैंगस्टरों को सिर्फ पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना लक्ष्य है। इस बड़े अभियान को नाम ‘ऑपरेशन प्रहार’ दिया गया। सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट की 100 से ज्यादा टीमों ने शहर और आसपास के इलाकों में एक साथ दबिश दी। टारगेट सिर्फ शूटर या हिस्ट्रीशीटर नहीं थे, बल्कि वे लोग भी थे जो गैंगस्टरों को पनाह देते हैं, पैसा संभालते हैं, रेकी करते हैं या जेल से बाहर और विदेश में बैठे आकाओं तक संदेश पहुंचाते हैं। इस एक्शन में 255 जगहों पर रेड की गई। पुलिस ने 233 लोगों को राउंड अप किया, 13 पिस्टल समेत 118 को गिरफ्तार किया गया। बाकी से लंबी पूछताछ की गई ताकि नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। प्रहार क्यों अहम यह पहली बार है जब परिवार, मददगार और फाइनेंसर भी सीधे निशाने पर आए। {सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क मैपिंग पर जोर {नशा और गैंग को एक ही सिस्टम मानकर कार्रवाई {जेल से चल रहे अपराध पर प्रहार {विदेश बैठे आकाओं तक पहुंचने की रणनीति आगे क्या…? {संपत्तियों की कुर्की {बैंक खातों की जांच {विदेश भागे आरोपियों पर रेड कॉर्नर नोटिस जैसे कदम तेज होंगे। क्या-क्या बरामद हुआ रेड के दौरान पुलिस को जो बरामदगी हुई, उसने साफ कर दिया कि गैंगस्टर और नशे का गठजोड़ कितना गहरा है। पुलिस ने {13 पिस्टल {144 ग्राम हेरोइन {430 नशीली गोलियां {96 शराब की बोतलें बरामद कीं। सीएम- डीजीपी की मुहिम ऑपरेशन सीएम भगवंत मान, डीजीपी गौरव यादव की रणनीति के तहत चलाया गया। सरकार का साफ संदेश है कि पंजाब में उद्योग, व्यापार और आम लोगों की सुरक्षा के लिए गैंगस्टर संस्कृति को किसी भी कीमत पर खत्म किया जाएगा। जेल भी अब जांच के घेरे में जांच में सामने आया, लुधियाना सेंट्रल जेल कुछ गैंगस्टरों के लिए ऑपरेशन सेंटर जैसे काम कर रही थी। आने वाले समय में एआई सर्विलांस, जैमर और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाएगा ताकि “जेल से सड़क तक” चलने वाली कमांड को तोड़ा जा सके। कैसे अलग था ऑपरेशन प्रहार: यह पूरी तरह इंटेलिजेंस आधारित और प्री-एम्प्टिव कार्रवाई थी। ऑपरेशन का मकसद “गैंगस्टर इकोसिस्टम” को तोड़ना था। यानी सिर्फ हथियार उठाने वाले नहीं, बल्कि हथियार दिलाने वाले, पैसा जुटाने वाले और शरण देने वाले भी बराबर के आरोपी माने गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स से आने वाला पैसा ही हथियारों और शूटर्स को जिंदा रखता है। इसी वजह से इस अभियान में नशे और गैंगस्टर को एक ही सिक्के के दो पहलू मानकर कार्रवाई की गई।-स्वपन शर्मा, सीपी लुधियाना विदेश से चल रहे गैंग, लुधियाना बना ऑपरेशन हब जांच में सामने आया कि लुधियाना में सक्रिय कई गैंग्स के हैंडलर कनाडा, यूरोप और अमेरिका में बैठे हैं। ये हैंडलर स्थानीय युवाओं को इस्तेमाल करते हैं, फिरौती मंगवाते हैं और डर का माहौल बनाते हैं। जेल में बंद शुभम ग्रोवर को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जेल के अंदर रहते हुए भी वह बाहर के शूटर्स और नेटवर्क से संपर्क में था। इसी तरह रोहित गोदारा और कौशल चौधरी गैंग से जुड़े मॉड्यूल भी पुलिस के निशाने पर रहे। कुछ दिन पहले ही हैबोवाल इलाके में रोहित गोदारा गैंग के दो सदस्यों की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी हो चुकी थी। ऑपरेशन प्रहार में ऐसे ही ऑपरेशन की कड़ियों को आगे बढ़ाया गया।


