भास्कर न्यूज | अमृतसर लोपोके के सरकारी अस्पताल में 13 जनवरी को विनोद कुमार नामक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना को लेकर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते डीसी दलविंदरजीत सिंह को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सांसद औजला ने पत्र में कहा कि यह घटना केवल एक युवक की मौत नहीं, बल्कि पंजाब के ग्रामीण इलाकों में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं का जीता-जागता सबूत है। परिजनों के अनुसार गांव चोगावां निवासी विनोद कुमार को गंभीर दर्द और सांस लेने में तकलीफ थी। उसे लोपोके सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां वह करीब दो घंटे तक बिना इलाज के तड़पता रहा। आरोप है कि न तो समय पर डॉक्टर उपलब्ध कराया गया और न ही उसे अमृतसर रेफर किया गया। मानसिक और शारीरिक पीड़ा से टूट चुके विनोद ने अंततः अस्पताल परिसर में पानी की टंकी की ग्रिल से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई संजीव कुमार के हवाले से सांसद औजला ने बताया कि विनोद बार-बार डॉक्टरों से इलाज शुरू करने और रेफर करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। आरोप यह भी है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ बदसलूकी की और धमकियां तक दीं। सांसद औजला ने सवाल उठाया कि घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद न तो दोषियों पर कार्रवाई हुई और न ही अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय पर प्राथमिक इलाज मिल जाता तो यह कीमती जान बचाई जा सकती थी। सांसद ने चेतावनी दी कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे और स्वास्थ्य तंत्र की इस विफलता को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


