भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को लगा मंच सियासी तूफान का केंद्र बन गया। छतरपुर जिले की चंदला सीट से बीजेपी के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में कथावाचकों को लेकर विवादास्पद बयान दे दिया, जिसने राजनीति की सीमाएं ही नहीं, मर्यादाएं भी लांघ दीं। आरडी प्रजापति की बहन-बेटियों और महिलाओं को लेकर कही गई बातें सुनकर भी मंच से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया। टीकमगढ़ से 2024 में समाजवादी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी रहे आरडी प्रजापति के बयान से सपा ने किनारा कर लिया है, लेकिन सबसे बड़ा झटका उनको तब लगा, जब उनके बेटे और चंदला से ही बीजेपी के पूर्व विधायक राजेश प्रजापति ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर कर दी। यानी बयान से अपना परिवार भी असहज हो गया। आरडी प्रजापति का वह बयान जिस पर विवाद छिड़ा
आरडी प्रजापति ने कहा- अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं। कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ। बहन-बेटियों की छाती से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं। प्रजापति ने आगे कहा- एक अंधाचार्य है, वह कहता है कि वाइफ मतलब वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय। तुम भी अपनी एंजॉय वाली मां से पैदा हुए हो का? कितने लोगों ने एंजॉय किया है? तभी तुम्हारी आंखें खराब हो गईं, अंधरा। एक बाबा लाली लगाकर कहता है, 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं। आरडी के बेटे राजेश प्रजापति (पूर्व विधायक) ने क्या कहा… सवाल: आपके पिता जी ने जो संतों, कथावाचकों पर टिप्पणी की है आप उस पर क्या कहेंगे? समाज में कुरीतियां जो भरी हैं, उसका निर्णय सामाजिक संगठन करेंगे। मोरी विचारधारा अलग है। जन्म और मृत्यु न मेरे हाथ में है न किसी के हाथ में है। ये तो है कि वो मेरे पिता हैं और रहेंगे, लेकिन उनकी विचारधारा हमेशा से अलग रही है। वो जबसे राजनीति करते आए हैं या फिर BJP से विधायक रहे तबसे उनकी विचारधारा अलग रही है। मेरा उसमें कोई लेना देना नहीं है। हम सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं। हमारे घर में, गांव में अभी भी हम लोग हर नव दुर्गा में जवारे रखते हैं। और हमारे पूर्वज ये करते चले आ रहे हैं। सवाल: आप उनके बयान को गलत मानते हैं या सही मानते हैं? मेरे विचार से ये औचित्यहीन है। इस तरह की जो बात उनके द्वारा की गई है ये समाज की व्यवस्था को बिगाड़ने वाली राजनीति है। सवाल: आपने उन्हें कभी समझाया नही? मेरी उनसे करीब 2 साल से बात नहीं हुई है और वे अपनी विचारधारा से राजनीति कर रहे हैं। सवाल: आप अपने टिकट कटने की क्या वजह मानते हैं? ये पार्टी का निर्णय है और मैं पार्टी से सहमत हूं। उसमें कोई भी मतभेद की बात नहीं है। मेरा पिता जी से और उनके विचारों से कोई लेना देना नहीं है और वो जो भी गलत बोलते हैं सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करे। ये खबर भी पढ़ें…
आरडी प्रजापति ने कहा- कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में आरडी प्रजापति ने मंच से कहा- देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। पूरी खबर पढ़ें


