पेयजल से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए नगर निगम ने जल सुनवाई की शुरुआत भले ही कर दी, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी डरावनी ही है। यही कारण है कि जल सुनवाई पर लोगों का भरोसा ही नहीं है। पिछले मंगलवार को जल सुनवाई में 309 शिकायतें पहुंची थीं, लेकिन इस मंगलवार 100 से भी कम शिकायतें पहुंचीं। लोगों का कहना है कि कागजों पर शिकायतें दर्ज करने से क्या होगा, असल परेशानी तो तभी दूर होगी, जब नगर निगम जमीनी स्तर पर काम करेगा। मंगलवार को जल सुनवाई में ज्यादातर लोग यही कहते नजर आए कि शुरू में गंदा पानी आता है। आठ-दस बाल्टी के बाद साफ पानी मिलता है। हाथीपाला टंकी पर स्थिति यह थी कि दोपहर 1 बजे तक सिर्फ दो शिकायतकर्ता पहुंचे थे। अफसरों ने शिकायत दर्ज कर जांच का आश्वासन दे दिया। पिछली बार सदर बाजार में कोई शिकायत नहीं पहुंची। इस बार एक शिकायत हुई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव मंगलवार को जल सुनवाई के लिए तिलक नगर टंकी पहुंचे। जल से संबंधित समस्याओं को सुना। इन शिकायतों में पानी नहीं आने, दूषित पानी आने जैसी शिकायतें लोगों ने की। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शिकायतकर्ताओं से बात की। अन्नपूर्णा क्षेत्र में 30 हजार की आबादी को पानी नहीं अन्नपूर्णा टंकी से जुड़ी 15 से ज्यादा कॉलोनियों के लोग एक सप्ताह से नर्मदा के पानी के लिए परेशान हैं। करीब 30 हजार उपभोक्ताओं को नर्मदा का पानी नहीं मिल पाया है। पहले मंडलेश्वर क्षेत्र में काम चलने के कारण पंप बंद रहे। इससे दो दिन तक पानी नहीं मिल पाया। इसके बाद अन्नपूर्णा रोड पर सुरभि स्वीट्स के पास सिल्वर पैलेस कॉलोनी में नई पाइपलाइन डालने के दौरान पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद विज्ञान नगर इलाके में लाइन में फॉल्ट आ गया। इसलिए सप्लाय फिर रोक दी गई। मंगलवार को भी लोगों को यही जवाब मिला कि लाइन ठीक हुई तो दोपहर 3 बजे के बाद पानी मिलेगा, लेकिन पानी नहीं पहुंचा। लोग पूरी तरह बोरिंग और निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। पीने का पानी खरीदकर ला रहे हैं। इन कॉलोनियों में ज्यादा परेशानी
क्रांति कृपलानी नगर, जय जगत, जौहरी पैलेस, भवानीपुर, गोडबोले कॉलोनी, अन्नपूर्णा नगर, सुदामा नगर (मेन रोड), मिश्रा नगर, प्रिकांको कॉलोनी, अहिल्या नगर, चाणक्यपुरी, सिल्वर ऑक्स, उमेश नगर, प्रभु नगर, देवेंद्र नगर, गायत्री नगर, सरस्वती नगर, भोज नगर, नर्मदा नगर और सिल्वर पैलेस।


