5 दिन पहले अस्पताल से भागे गैंगस्टर का अटारी में एनकाउंटर, पत्नी अभी भी फरार

भास्कर न्यूज | अमृतसर 50 केसों में नामजद गैंगस्टर मनी प्रिंस मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। मनी प्रिंस 12 जनवरी को पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया था, जिसे गुरु नानक देव अस्पताल से भर्ती किया गया था। आरोपी अस्पताल से पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, जिसके बाद से ही स्पेशल सैल उसकी तलाश में जुटी थी। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे देहाती पुलिस और स्पेशल सैल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अटारी के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देख मनी प्रिंस ने विदेशी पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली स्पेशल सैल के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सतिंदर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। जवाबी कार्रवाई में मनी प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही मारा गया। आरोपी मनी पर अमतृसर/तरनतारन सहित अन्य जिलों में एनडीपीएस, हत्या, हत्या प्रयास, असलहा एक्ट, गोली चलाने और फिरौती मांगने के तकरीबन 50 केस दर्ज थे। तरनतारन में 6 दर्ज केसों में वांछित था। आरोपी की पहचान मनी प्रिंस निवासी मोहल्ला टांग छतरी नूर्दी अड्डा जिला तरनतारन के रूप में हुई है। डीआईजी बार्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि मनी प्रिंस सीमावर्ती इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर दोबारा संगठित होने की कोशिश में था। उसे लग रहा था कि बॉर्डर बेल्ट में छिपकर वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहेगा, लेकिन तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना ने उसकी इस रणनीति को नाकाम कर दिया। जैसे ही पुलिस टीम ने अटारी क्षेत्र में संदिग्ध मूवमेंट के आधार पर घेराबंदी की, मनी प्रिंस ने खुद को बचाने के लिए विदेशी पिस्तौल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए पहले बचाव किया। बुलेटप्रूफ जैकेट होने के कारण किसी जवान को चोट नहीं आई। इसके बाद की गई जवाबी कार्रवाई में मनी प्रिंस मारा गया। गौर हो कि 12 जनवरी को लोपोके इलाके में हुए एनकाउंटर में मनी प्रिंस घायल हुआ था। इलाज के लिए उसे गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वह पुलिस सुरक्षा से फरार होने में कामयाब रहा। उसी घटना के बाद से वह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। डीआईजी संदीप गोयल ने कहा कि पंजाब पुलिस किसी भी सूरत में अपराधियों को कानून से ऊपर नहीं मानती। गैंगस्टर कल्चर के खिलाफ चल रही मुहिम जारी रहेगी और जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। गौर हो कि जब डीआईजी से पूछा गया कि उसकी पत्नी उसे अपने साथ भगाकर ले गई थी तो उन्होंने बताया कि उस मामले में अभी जांच चल रही है। मनी को भगाने में किस-किस का हाथ था, सारी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा डीआईजी ने महिला के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया। जबकि थाना मजीठा रोड में आरोपी मनी को भगाने के आरोप में उसकी पत्नी अमृत कौर के खिलाफ पर्चा दर्ज है।

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