भास्कर न्यूज | जांजगीर गौरव ग्राम सिवनी के राठौर परिवार में स्मृति शेष स्व. जवाहर राठौर, स्व. अशोक राठौर और स्व. मिंटू राठौर की पुण्यतिथि पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं. अंशुमान शास्त्री जी ने अपने मुखारविंद से निरंतर कथा अमृत की धारा प्रवाहित की और एकादशी व्रत की महिमा को विस्तार से बताया। पंडित जी ने कहा कि समस्त व्रतों में एकादशी व्रत सर्वश्रेष्ठ माना गया है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपने जीवन में कम से कम 12 वर्ष तक करना चाहिए। उन्होंने राजा अम्बरीश जी की कथा सुनाते हुए बताया कि एक बार उनके राज्य में 12 वर्षों तक अकाल पड़ा, लेकिन उनके राज्यकोष की संपत्ति और प्रजा की सुरक्षा भगवान कृष्ण की कृपा से बनी रही। एक रात राजा ने स्वयं अपने राजकोष का निरीक्षण किया और देखा कि भगवान कृष्ण 12 वर्षों तक उनके राज्य को संपन्न बनाए रख रहे हैं। इस दृष्टांत से प्रेरित होकर अम्बरीश जी ने मन में संकल्प लिया कि वे भी भगवान का ऋण चुकाने के लिए 12 वर्षों तक एकादशी व्रत करेंगे और उनका नियमित पूजन करेंगे। यही से 12 वर्षों तक एकादशी व्रत करने की परंपरा स्थापित हुई। कथा आयोजन में राठौर परिवार के अजय राठौर, सुयोग राठौर, जानू राठौर और सूर्या राठौर सहित ग्राम की अनेक भक्तमाता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में सभी ने कथा सुनते हुए भक्ति भाव से एकादशी व्रत का महत्व समझा और श्रद्धा पूर्वक भगवान के प्रति समर्पण व्यक्त किया।


