एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्य के दौरान बीएलओ से अभद्रता करने के मामले में नगर निगम के सहायक ई-गवर्नेंस अधिकारी अंकित पंवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर की गई। निगम आयुक्त ने विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद आदेश जारी किया। दरअसल, एसआईआर के दौरान जसवाड़ी रोड क्षेत्र का नोडल अधिकारी अंकित पंवार को बनाया गया था। इस दौरान ओटीपी लेने की प्रक्रिया को लेकर पंवार और बीएलओ के बीच विवाद हो गया था। बीएलओ द्वारा की गई शिकायत के बाद मामले की उच्च स्तर पर जांच की गई। कलेक्टर ने मामले को गंभीर मानते हुए पंवार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने पंवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू की। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर पंवार को अपना पक्ष रखने के लिए 13 जनवरी को बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने उपस्थित होकर जवाब देने के बजाय 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। प्रशासन ने उन्हें तीन दिन का समय देते हुए 16 जनवरी को सुबह 11 बजे पुनः तलब किया। 16 जनवरी को भी पंवार ने लिखित जवाब प्रस्तुत नहीं किया और फिर से अतिरिक्त समय की मांग कर दी। संविदा नियुक्ति थी, कभी पावरफुल था पंवार विभागीय जांच में पाया गया कि अंकित पंवार ने संविदा नियुक्ति के विज्ञापन की शर्त क्रमांक 11 और 14 का उल्लंघन किया है। जांच समिति की अनुशंसा पर 19 जनवरी की दोपहर बाद से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। मामले में निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने बताया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। इधर, बता दें कि अंकित इतने पावर में था कि वह निगमायुक्त और अधिकारियों को निर्देशित करता था। ये खबर भी पढ़े- नोडल अधिकारी ने बीएलओ को उठाकर पटकने कहा:खंडवा में ओटीपी न देने पर गालियां देने का आरोप; एसडीएम से शिकायत


