सेक्टर रोड में अवाप्त होने वाली जमीन के बदले जमीन देने में अब मिलीभगत और मनमर्जी नहीं चलेगी। जेडीए अब सेक्टर रोड के लिए जमीन अवाप्त करने के बाद सभी प्रभावितों के लिए एक ही जगह मुआवजे में विकसित जमीन देगा। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सेक्टर रोड के बदले मिलीभगत से बेशकीमती जमीनें मुआवजे में बांट दी गई थीं। इस पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी सवाल उठाए थे। जेडीए ने अब सेक्टर रोड से प्रभावित काश्तकारों को विकसित जमीन देने के लिए नई एसओपी तैयार की है। नई एसओपी के अनुसार ही जमीन अवाप्त कर प्रभावित जमीन के नजदीक ही सरकारी जमीन पर योजना विकसित कर मुआवजा दिया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में मास्टर प्लान 2025 में प्रस्तावित सेक्टर सड़कों में से 50 फीसदी सड़कें भी नहीं बनी हैं। ऐसे में शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और ट्रैफिक जाम से शहर की सांसें फूल रही हैं। सेक्टर सड़क के लिए जमीन अवाप्ति को लेकर आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने जोन, इंजीनियरिंग और प्लानिंग विंग को नई एसओपी लागू करने के निर्देश दिए हैं। जेडीए पुराने रीजन में मास्टर प्लान में प्रस्तावित करीब 300 प्रमुख सेक्टर सड़कें 15 साल में भी नहीं बना पाया है। नई SOP में ऐसे होगा काम 15 दिन में पीटी सर्वे करना होगा जेडीए की इन सेक्टर सड़कों को बनाने की प्लानिंग


