सागर की किन्नर रानी ठाकुर ने किन्नरों पर धर्मांतरण करने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। मामले में मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए सागर और टीकमगढ़ एसपी को नोटिस जारी किया है। जिसमें आयोग ने दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मानव अधिकार आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार ब्रिजवीर सिंह ने पत्र लिखते हुए कहा कि शिकायतकर्ता रानी ठाकुर जो ट्रांसजेंडर कम्युनिटी की सदस्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथी किरण नायक उर्फ कलीम खान द्वारा पिछले कई सालों से उन पर धर्म बदलने के लिए जबरदस्ती दबाव डाला जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके घर के अंदर एक मस्जिद बनाई, उन्हें नमाज़ पढ़ने, गाय का मांस खाने के लिए मजबूर किया और विरोध करने पर मारपीट की। उन्होंने कहा कि उनके फोन में घटनाओं का एक वीडियो सबूत है। उनकी साथी मोना अहिरवार (राकेश) ने कुंडेश्वर टीकमगढ़ में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। क्योंकि इस्लाम धर्म अपनाने से मना करने पर उन पर हमला किया गया और दबाव डाला गया था। आयोग से मामले में दखल की मांग की थी शिकायत करने वाले ने इस मामले में कमीशन से दखल देने की मांग की और मामले में तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत में लगाए गए आरोप पहली नजर में पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन लगते हैं। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने इस मामले में प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एक्ट, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है। जिसमें उन्होंने एसपी सागर और टीकमगढ़ को नोटिस जारी करते हुए आरोपों की जांच करने और दो सप्ताह के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। मप्र बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि किन्नर रानी ठाकुर की शिकायत पर मानव अधिकार आयोग ने मामला संज्ञान में लिया है।


