ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से परेशान एक महिला को न्याय मिला है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव केदारनाथ के हस्तक्षेप के बाद महिला को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। रैन बसेरा में रह रही थी पीड़ित महिला पीड़िता ने बताया- ससुराल वालों द्वारा उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी कारण वह घर छोड़कर नगर परिषद स्थित रैन बसेरा में तीन दिन तक रहने को मजबूर हुई। महिला को अपने ससुराल वापस जाने में भय महसूस हो रहा था और उसे एक सुरक्षित स्थान की आवश्यकता थी। सूचना मिलने के बाद वन स्टॉप सेंटर में आश्रय दिया गया मामले की जानकारी मिलने पर सचिव केदारनाथ ने रैन बसेरा का निरीक्षण किया और पीड़ित महिला से बातचीत की। उनकी आपबीती सुनने के बाद, पुलिस की मौजूदगी में महिला को वन स्टॉप सेंटर में स्थानांतरित किया गया। वन स्टॉप सेंटर की संचालक दिव्या की उपस्थिति में महिला की काउंसलिंग की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश जारी पीड़िता के बयान दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सचिव केदारनाथ ने महिला को हर संभव कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय या प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ित महिलाओं को कानून के तहत पूरा संरक्षण दिया जाएगा। सचिव ने वन स्टॉप सखी सेंटर का अवलोकन किया निरीक्षण के दौरान, सचिव केदारनाथ ने वन स्टॉप सखी सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा महिला की सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


