कोरबा जिले में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला बाल विकास विभाग) बसंत मिंज के निर्देशन में यह अभियान 24 जनवरी को आयोजित हुआ। इस दौरान साडा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.पी. नगर और शासकीय कन्या शाला बालको में एनीमिया निवारण, विधिक साक्षरता और शासकीय योजनाओं पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बालिकाओं के स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर विषय एनीमिया पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने एनीमिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। छात्राओं को संतुलित और पौष्टिक आहार, विटामिन-सी युक्त फलों के सेवन, फोलिक एसिड और कैल्शियम सप्लीमेंट के महत्व के बारे में बताया गया।समय-समय पर हीमोग्लोबिन जांच कराने और मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। बालिकाओं को विधिक अधिकारों की जानकारी नवा बिहान से संरक्षण अधिकारी रजनी मारिया ने बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, पॉक्सो एक्ट, पॉश एक्ट और शी-बॉक्स जैसी विधिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी।आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 181, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर और डायल 112 की कार्यप्रणाली भी समझाई गई। शासकीय योजनाओं की जानकारी महिला सशक्तिकरण केंद्र की टीम ने नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के पात्रता मानदंड और लाभों की जानकारी दी। छात्राओं को जीवन में लक्ष्य तय कर शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया गया। बाल विवाह के खिलाफ शपथ अभियान के अंतर्गत बाल विवाह को सामाजिक बुराई और कानूनन अपराध बताते हुए प्राचार्यों और शिक्षकों की उपस्थिति में छात्राओं को शपथ दिलाई गई। सभी ने 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक के विवाह को रोकने और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। जागरूकता पखवाड़ा जारी जिले में 16 जनवरी से 30 जनवरी तक विशेष जागरूकता पखवाड़ा संचालित किया जा रहा है।


