छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के पुसौर धान मंडी में धान खरीदी में कटौती किया जा रहा था। जिसके कारण किसानों ने इसका विरोध जताया और रायगढ़ से पुसौर रास्ते पर धरना प्रदर्शन में बैठ गए। जहां धान खरीदी में कटौती नहीं किए जाने की मांग को लेकर जमकर नारे लगाए। बुधवार की सुबह जब पुसौर ब्लॉक किसान धाना उपार्जन केन्द्र धान बेचने के लिए पहुंचे। तब उनके धान में 30 प्रतिशत तक कटौती कर दिया जा रहा था। किसान जितने धान लेकर पहुंचे थे उसे पूरा न लेकर कम खरीदी की जा रही थी। इससे किसान परेशान होने लगे। ऐसे में किसान नेता लल्लू सिंह के साथ तकरीबन 5-6 गांव के किसान रायगढ़-पुसौर मार्ग पर विरोध जताते हुए बैठ गए। किसान एकता और धान खरीदी में कटौती नहीं किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी करना शुरू कर दिए। इस दौरान दोनों ओर से आने-जाने वाली वाहनों के पहिए थम गए। जब इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को लगी, तो नायब तहसीलदार समेत पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाईश देने लगे, लेकिन किसान अपनी मांग पर अढ़े रहे। उनका कहना था कि अगर धान खरीदी में कटौती कर दिया जाता है, तो निर्धारित समय पर किसान अपना धान नहीं बेच पाएंगे। जिसके बाद अधिकारियों ने किसानों को आश्वसन दिया कि धान कटौती नहीं किया जाएगा। ऐसे में किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। 30 से 50 प्रतिशत तक कर रहे थे कटौती
इस संबंध में किसान नेता लल्लू सिंह ने बताया कि पुसौर ब्लॉक के मंडी में धान खरीदी में 30 से लेकर कहीं-कहीं 50 प्रतिशत तक कटौती किया जा रहा था। ऐसे में किसान समय पर अपने धान को नहीं बेच पाते। इसे देखते हुए धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें पुसौर, सारसमाल, कर्राजोर, घींच, सलोनी, तडोला समेत अन्य गांव के किसान धरना में बैठ गए। किसानों की मांग कटौती नहीं करने और लिमिट बढ़ाए जाने की मांग थी। ऐसे में अधिकारियों ने कटौती नहीं किए जाने का आश्वसन दिया है। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।


