सूरजपुर जिले के मोहरसोप प्राइमरी स्कूल में युवक को किराए पर टीचर रखने वाले हेडमास्टर को डीईओ ने सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर ने 12वीं पास एक युवक को किराए पर रखकर अपने स्थान पर स्कूली बच्चों को पढ़ाने भेजा था। मामले में बीईओ ने जांच रिपोर्ट डीईओ सूरजपुर को भेजी थी। हेडमास्टर की लापरवाही मिलने पर डीईओ ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, ओड़गी ब्लॉक के मोहरसोप प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर डीएस सिंह ने बच्चों को पढ़ाने के लिए किराए का शिक्षक रख लिया था। मोहरसोप का यह स्कूल एकल शिक्षक वाला है। यहां केवल एक ही हेडमास्टर पोस्टेड हैं। स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक कुल 52 बच्चे पढ़ते हैं। 15 जनवरी को जब मीडियाकर्मी स्कूल पहुंचे तो हेडमास्टर की जगह युवक बच्चों को पढ़ाते मिला। डीईओ ने कराई जांच, किया सस्पेंड
मामले में सूरजपुर डीईओ अजय मिश्रा ने मामले की जांच कराई। ओड़गी बीईओ प्रदीप सिंह ने जांच रिपोर्ट डीईओ को भेेजा। जांच में हेडमास्टर द्वारा बिना अनुमति बाहरी युवक को किराए पर रखने, बिना अधिकारियों को जानकारी दिए ट्रेनिंग में जाने की पुष्टि हुई। हेडमास्टर की लापरवाही मिलने पर डीईओ ने हेडमास्टर डीएस सिंह को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय प्रेमनगर निर्धारित किया गया है। बिना जानकारी दिए ट्रेनिंग में गए थे हेडमास्टर
ओड़गी बीईओ प्रदीप सिंह ने बताया कि हेडमास्टर डीएस सिंह 15 जनवरी को बिना बताए ट्रेनिंग पर गए थे। उन्होंने इसकी सूचना न तो बीईओ न ही सीएसी को दी थी। यदि वे पहले इसकी जानकारी दे देते तो स्कूल में दूसरे शिक्षक को भेजा जा सकता था। नोटिस के जवाब में हेडमास्टर यह नहीं बता सके कि उन्होंने किसी अन्य युवक को क्यों किराए पर रखा था। डीएस सिंह के निलंबन के बाद प्रायमरी स्कूल शिक्षक विहीन हो गया है। वहां दूसरे स्कूल के शिक्षक को अटैच किया गया है, जहां दो शिक्षक पोस्टेड थे। 11 दिनों से पढ़ा था किराए का टीचर
हेडमास्टर डीएस सिंह ने स्थानीय युवक पूर्ण देव यादव को पढ़ाने के लिए किराए पर रखा था। वह 11 दिनों से बच्चों को पढ़ा रहा था। उसने मीडियाकर्मियों को बताया कि हेडमास्टर के न आने पर वे स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे। पूर्ण देव यादव ने कहा कि उसकी कोई सरकारी नियुक्ति नहीं हुई है। हेडमास्टर ने कहा है कि उसे अपनी जेब से कुछ पैसे देंगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हेडमास्टर चार-पांच दिनों से स्कूल से गायब हैं। पूर्ण देव यादव से मीडियाकर्मियों ने जब सूरजपुर के कलेक्टर, स्थानीय विधायक और शिक्षामंत्री का नाम पूछा तो वह नहीं बता सका। सूरजपुर के 87 स्कूल एकल शिक्षकीय
सूरजपुर जिले में कुल 87 स्कूल ऐसे हैं। जहां एक शिक्षक की पोस्टिंग है। ये सभी प्रायमरी स्कूल हैं। इनमें से सबसे ज्यादा ओड़गी ब्लॉक में ही हैं। शिक्षकों की कमी के कारण युक्तियुक्तकरण के बाद भी शिक्षक इन स्कूलों को नहीं मिल सके हैं।


