सीधी कलेक्ट्रेट कार्यालय में बुधवार को नौगवां धीर सिंह गांव की रहने वाली मुनिया भुजवा अपनी 20 वर्षीय बेटी रानी भुजवा को लेकर पहुंचीं। करीब 2 फीट कद की बेटी को साथ लेकर पहुंची मां ने कलेक्टर से इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। तीन साल पहले हुआ था हमला मुनिया भुजवा ने बताया कि करीब तीन साल पहले परिवार के ही एक व्यक्ति ने रानी के साथ मारपीट की थी। लाठी से किए गए हमले में रानी की रीढ़ की हड्डी टूट गई। इस घटना के बाद से उसकी सेहत लगातार बिगड़ती चली गई और अब वह सामान्य रूप से चलने-फिरने में भी असमर्थ है। चलने-फिरने में असमर्थ, हर वक्त दर्द रानी अब सीधी खड़ी होकर चल नहीं पाती है। उसे झुककर चलना पड़ता है और हर समय तेज दर्द सहना पड़ता है। मां का कहना है कि बेटी की हालत देखकर वह हर दिन परेशान रहती हैं, लेकिन इलाज के लिए उनके पास कोई साधन नहीं है। आर्थिक हालत कमजोर, इलाज कराना मुश्किल पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही मुश्किल हो रहा है, ऐसे में बेटी के इलाज और दवाइयों का खर्च उठा पाना उनके लिए संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मदद की अपील की। मामला दर्ज, लेकिन मदद नहीं मिली मां मुनिया भुजवा ने बताया कि मारपीट की घटना को लेकर थाने में मामला दर्ज कराया गया था, जो अभी न्यायालय में चल रहा है। इसके बावजूद अब तक इलाज या पुनर्वास के लिए कोई ठोस मदद नहीं मिल पाई है। प्रशासन ने दिया मदद का भरोसा इस मामले में अपर कलेक्टर बीपी पांडे ने बताया कि महिला अपनी बेटी के साथ आवेदन लेकर आई थी। आवेदन मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के तहत इलाज के लिए जो भी संभव मदद होगी, वह दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


