राजमहल अनुमंडलीय जेल में हत्या के आरोप में बंद एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राधानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चामा सत्तारटोला निवासी मंसूर शेख के रूप में हुई है। मंसूर शेख ने बुधवार को जेल के अंदर फांसी लगा ली थी। इस दौरान वार्ड में बंद अन्य कैदियों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जेल प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर इलाज के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। बंदी की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए साहिबगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंसूर शेख वर्ष 2020 से जेल में बंद था। उस पर जमीन विवाद को लेकर अपने सगे भाई अख्तर शेख की हत्या करने का आरोप है। इस मामले में राधानगर थाना कांड संख्या 167/20 दर्ज है। दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था
आरोप है कि आपसी जमीन बंटवारे को लेकर लंबे समय से दोनों भाइयों के बीच विवाद चल रहा था, जिसके बाद मंसूर शेख ने धारदार हथियार से अपने भाई की हत्या कर दी थी। इस घटना में अन्य लोगों के घायल होने की भी बात सामने आई थी। मृतक की भाभी जहांनूर बेबा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इधर, जेल उपाधीक्षक विमल सोरेन ने बताया कि सुबह कुछ कैदियों द्वारा आत्महत्या के प्रयास की सूचना दी गई थी। सूचना के तुरंत बाद बंदी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन साहिबगंज सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडू ने बताया कि बंदी की हालत अत्यंत नाजुक थी, जिस कारण उसे रेफर किया गया था। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


