शहीद हेमू कालानी का शहादत दिवस मंगलवार को नीमच में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत के तत्वावधान में शहर के मुख्य हेमू कालानी चौराहे पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बलिदान को याद किया। वक्ताओं ने किया शहादत का स्मरण सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद हेमू कालानी के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने 21 जनवरी को हेमू कालानी को फांसी दे दी थी। उस समय उनकी उम्र मात्र 21 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वक्ताओं ने कहा कि हेमू कालानी का बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उनकी वीरता और देशभक्ति को याद करते हुए हर वर्ष 21 जनवरी को सिंधी समाज शहीद दिवस मनाता है। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए। सभी ने देश सेवा और समाज के हित में काम करने का संकल्प लिया।


