जोधपुर में एसडीएम के मुंह पर ज्ञापन फाड़कर फेंकने के मामले को लेकर उठे विवाद पर यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने बुधवार को पाली में मीडिया से से कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन यह समझ से परे है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि अधिकारी ज्ञापन लेने तक के लिए अपने चेंबर से बाहर नहीं आ सकते। अधिकारी सरकार के एजेंट बने हुए हैं
उन्होंने कहा कि अधिकारी भी हमारे बीच से ही निकलते है। वे भी किसी किसान, व्यापारी के बेटे ही होंगे। लेकिन वर्तमान में कई अधिकारी एसी चैंबर में बैठे रहते है। ऐसे लग रहा है जैसे सरकार के एजेंट बनकर काम कर रहे है। आमजन, किसानों की बात तक नहीं सुनना चाहते है। मनरेगा का नाम बदलो लेकिन रोजगार दो
मनरेगा का नाम बदलने के मामले को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदले लेकिन लोगों को 100 दिन का रोजगार देवे। लेकिन स्थिति यह है कि वर्तमान सरकार 30 दिन साल भर में मनरेगा में रोजगार नहीं दे पा रही है। ठेकेदारी प्रथा से मनरेगा चलाना चाहती है। आमजनों के हितों के लिए यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरा हुआ है ताकि उन्हें उनका हक दिला सके।
हर जगह बैठे है भाजपा के दलाल
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कई कार्यकर्ता एजेंट के रूप में काम कर रहे है। कोई थाने में तो कोई तहसील कार्य में दलाली कर आमजन को ठग रहा है। यह भी पढ़े – *कांग्रेस विधायक ने SDM के मुंह पर ज्ञापन फाड़कर फेंका:* पुलिस ने कलेक्ट्रेट में जाने से रोका, 1 घंटे तक सड़क पर बैठकर इंतजार किया


