करौली में नगर परिषद की कार्रवाई में समानता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि नगर परिषद और प्रशासन सभी मामलों में एक जैसे मापदंड अपनाएं और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई से बचें। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद क्षेत्र में अवैध या नियमविरुद्ध निर्माण के कई मामले पहले से चिह्नित हैं। इनमें से कुछ संपत्तियों पर केवल जुर्माना लगाकर निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुछ मामलों में सीज करने के बाद भी आगे कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि यदि नियमों का उल्लंघन समान प्रकृति का है, तो कार्रवाई भी समान रूप से क्यों नहीं की जाती। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है और उसकी संपत्ति पर पहले ही सीज की कार्रवाई की जा चुकी है। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि भविष्य की किसी भी कार्रवाई में विधिक प्रक्रिया और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार का अन्याय न हो। आमजन ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि वह राजनीतिक या किसी भी प्रकार के दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष निर्णय ले। उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही चेतावनी दी कि असंतुलित या एकतरफा कदमों से अनावश्यक तनाव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया है कि सभी तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि कानून के तहत सभी मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।


