आसोप कस्बे में स्टेट हाईवे 86A का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जनहित संघर्ष समिति के प्रयासों के बाद यह कार्य प्रारंभ हुआ है। इस सड़क के निर्माण से आसोप और आसपास के कई गांवों को लाभ मिलेगा। जनहित संघर्ष समिति के सत्यनारायण दायमा ने बताया कि सड़क निर्माण का मामला पिछले कई सालों से न्यायालय में लंबित था। इस समस्या के समाधान के लिए दाड़मी, रामपुरा, आसोप, गारासनी, रड़ोद, लवारी, पालड़ी राणावता, नागलवास सहित अनेक गांवों के लोगों ने संघर्ष किया। जुलाई 2025 में जनहित संघर्ष समिति का गठन किया गया। सत्यनारायण दायमा बने थे समिति के अध्यक्ष समिति में सत्यनारायण दायमा को अध्यक्ष, रामचंद्र भडियासर को उपाध्यक्ष, महिपाल जाखड़ को कोषाध्यक्ष, मनोहर परिहार को सचिव तथा हनुमान राम, हीरालाल सैनी, गौतम चंवेल, भाखर राम चंवेल और एडवोकेट किशनसिंह सैनी को सदस्य मनोनीत किया गया था। बुधवार को जनहित संघर्ष समिति के सदस्यों ने निर्माण कंपनी के राजेंद्र भादू से मुलाकात की। राजेंद्र भादू ने समिति को आश्वस्त किया कि स्टेट हाईवे 86A का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा। 15,000 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज सौंपे थे समिति के महिपाल जाखड़ ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल ने एएजी राजेश पंवार को 15,000 से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज सौंपे थे। एएजी पंवार ने इन दस्तावेजों को हाईकोर्ट में पेश किया। पिछले दो माह से इस मामले पर लगातार सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद न्यायालय ने रिट याचिका को अयोग्य करार देते हुए बीपी चौधरी कंस्ट्रक्शन कंपनी के सभी अनुरोध पत्रों और स्थगन आवेदनों को खारिज कर दिया। जनहित संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए दैनिक भास्कर का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अशोक कांकरिया, सत्यनारायण दायमा, महिपाल जाखड़, हनुमानराम अड़वाड सहित समिति के पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। रड़ोद गांव के झीपरराम प्रजापत, गोपालसिंह राठौड़, हरसुखराम चौटीया, शिवकरण भडियासर, ओमप्रकाश पागा, बाबू नाथ, रामचंद्र रामस्नेही, महिपाल भडियासर और महादेव भडियासर सहित कई ग्रामीण सदस्य भी उपस्थित थे।


