भास्कर न्यूज | लुधियाना सिविल लाइंस स्थित श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम में इन दिनों भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गुप्त नवरात्र के पावन उपलक्ष्य पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और आस्था की अविरल धारा बही। गुरुदेव दीन दयालु महाराज के सानिध्य में आयोजित इस ज्ञान यज्ञ में शहर के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास पंडित शुभम तिवारी ने भगवती के वास्तविक और दार्शनिक स्वरूप का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवती केवल एक निराकार सत्ता नहीं, बल्कि वह ममता, शक्ति और ज्ञान का साक्षात पुंज हैं। कथा व्यास ने विस्तार से बताया कि जब-जब संसार में अधर्म का अंधकार बढ़ता है और मानवता पर संकट आता है, तब-तब आदिशक्ति अपने विभिन्न दिव्य स्वरूपों में प्रकट होकर भक्तों का कल्याण और दुष्टों का संहार करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ब्रह्मांड की रचना, पालन और संहार की अधिष्ठात्री केवल मां भगवती ही हैं। कथा के दौरान जब भगवती के महिमा गान और भजनों की प्रस्तुति हुई तो पूरा पंडाल भक्ति के रंग में डूब गया। पूजन प्रक्रिया में मुख्य रूप से शुभम मलिक, शकुंतला देवी, पारुल मलिक, मीरा और आशा माता ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन कर गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया। गंगा डेवलपर्स के इंजीनियर भुवनेश महेंद्रू सहित कई गणमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे। आयोजकों ने जानकारी दी कि कथा का प्रवाह प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। इस नौ दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव का समापन 27 जनवरी को होगा। श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम में कथा सुनते श्रद्धालु।


