भास्कर न्यूज | रायगढ़ जिले में कुपोषण की दर में कमी लाने और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को सामान्य स्वास्थ्य श्रेणी में लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में खनन प्रभावित क्षेत्र तमनार और कापू में दो पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला खनिज न्यास मद से तमनार के लिए 14 लाख 70 हजार रुपये और कापू के लिए 19 लाख 50 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों स्थानों पर 10-10 बिस्तरों वाले पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित होंगे। इन केंद्रों के शुरू होने से क्षेत्र के गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। बताया गया कि पोषण पुनर्वास केंद्र 5 वर्ष से कम आयु के गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य इकाई के रूप में कार्य करता है। यहां बच्चों को उनकी माताओं या देखभालकर्ताओं के साथ भर्ती कर संतुलित आहार, विशेष चिकित्सीय उपचार, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण प्रबंधन उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही माताओं को घर पर बच्चों की देखभाल, पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। एनआरसी में भर्ती बच्चों के साथ आने वाले अटेंडर को भोजन और 15 दिन तक 150 रुपये प्रतिदिन के आधार पर सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रायगढ़ जिले में दो नए पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थापना से गंभीर कुपोषण के विरुद्ध चल रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी।


