बीएसएल के 4,773 लीज क्वार्टरों का रजिस्ट्रेशन रुका, आवासधारी परेशान

सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो इंप्लाइज लीज्ड हाउस वेलफेयर सोसायटी की बुधवार को बैठक हुई। इसमें सोसायटी के सदस्यों ने बीएसएल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जाहिर की। बताया गया कि बोकारो स्टील प्लांट की ओर से वर्ष 2001 से 2003 के बीच 99 वर्ष की लीज पर आवंटित 4,773 आवासों का रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं हो सका है। इसको लेकर लीजधारी आवंटियों में भारी असंतोष है। आवंटियों की संस्था बोकारो इंप्लाइज लीज्ड हाउस वेलफेयर सोसायटी ने बीएसएल प्रबंधन पर बार-बार पत्राचार और वार्ता के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। संस्था के महामंत्री लक्ष्मी नारायण केसरी ने बताया कि बीएसएल ने वर्ष 2001 में जारी एक परिपत्र में स्पष्ट किया था कि लीजधारी अपने-अपने आवासों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके बावजूद बीएसएल प्रबंधन ने आज तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की। मजबूर होकर संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष ने 9 नवंबर 2017 को आरटीआई के माध्यम से रजिस्ट्रेशन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन प्रबंधन की ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इसके बाद 11 जनवरी 2018 को मामले की शिकायत मुख्य सूचना आयुक्त, भारत सरकार से की गई। इस पर 20 जून 2019 को डीसी कार्यालय बोकारो में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई हुई, जिसमें बीएसएल प्रबंधन और लीजधारी संगठन के प्रतिनिधि मौजूद थे। उस दौरान मुख्य सूचना प्राधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लीजधारी क्वार्टरों का शीघ्र रजिस्ट्रेशन कराया जाए और इसके लिए डीड ऑफ कन्वेंस की आवश्यकता नहीं है। मुख्य सूचना आयुक्त ने 24 जून 2019 को बीएसएल को यह भी निर्देश दिया कि जमीन का मालिकाना हक बीएसएल का होने के कारण राज्य सरकार द्वारा डीड ऑफ कन्वेंस की मांग करना गैरकानूनी है। इससे पहले 18 दिसंबर 2013 को उपायुक्त बोकारो भी बीएसएल को लीज आवासों का रजिस्ट्रेशन जल्द शुरू करने का आदेश दे चुके हैं। आवंटियों का कहना है कि बीएसएल प्रबंधन ने कोऑपरेटिव कॉलोनी और सिटी सेंटर के प्लॉटों का रजिस्ट्रेशन किया है। वहीं भिलाई और दुर्गापुर स्टील प्लांट में लीज पर दिए गए क्वार्टरों का भी रजिस्ट्रेशन हो चुका है। 15 जून 2023 को भिलाई स्टील प्लांट ने लीजधारियों से रजिस्ट्रेशन कराने की सार्वजनिक अपील भी की थी। इसके बावजूद बोकारो में स्थिति जस की तस बनी हुई है। संस्था द्वारा 3 जून 2025 और फिर 3 नवंबर 2025 को मुख्य महाप्रबंधक नगर सेवा को पत्र दिया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बैठक में सुदर्शन सिंह, यशपाल, एलएन केसरी, एसएन प्रसाद, डीएन राम, आरएन वर्मा आदि मौजूद थे।

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