संजय तिवारी | अमृतसर श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम ने वन्य जीव तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंकॉक से टैक्सिडर्मी मोर (मृत मोर) की खाल से बनाई गई एक ट्रॉफी लेकर भारत पहुंचा था। पंजाब में ऐसी यह पहली बार बरामदगी है। ऐसे मामले अक्सर चेन्नई में ही सामने आते हैं, पंजाब में यह मामला पहली बार सामने आया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार अहमद (39) निवासी पीर वाला मोहल्ला गांव कायस्थ बड्ढा, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह 19 जनवरी को थाई लायन एयर की फ्लाइट एसएल-214 से बैंकॉक से अमृतसर पहुंचा था। फ्लाइट दोपहर करीब 2:45 बजे एयरपोर्ट पर उतरी। इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी ने अपना सामान लिया, जिसमें एक काला बैकपैक और दो बड़े कार्टन बॉक्स शामिल थे। जब वह ग्रीन चैनल से बाहर निकल रहा था, तभी कस्टम्स अधिकारियों ने शक के आधार पर उसे रोक लिया और उसके सामान को एक्स-रे स्कैन किया। स्कैन में संदिग्ध आकृतियां दिखाई देने पर यात्री की तलाशी और सामान की गहन जांच की गई। कानून के अनुसार वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की शेड्यूल-1 में आते वन्य जीव से बनी वस्तु रखने पर कम से कम 3 साल और अधिकतम 7 साल तक की सजा और न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। मोर की ट्रॉफी का मतलब मोर के शरीर के हिस्सों जैसे सिर, पंख, या पूरा ढांचा से बनी सजावटी वस्तु होती है। मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। शेड्यूल-1 सूची में आता है। इस सूची में शामिल किसी भी जानवर या पक्षी के अंग को रखना, बेचना या विदेश से लाना कानूनन अपराध है। यह ट्रॉफी अक्सर घरों में सजावटी के लिए लगाई जाती है। जो कि काफी महंगे दामों पर मिलती है। तलाशी के दौरान एक बॉक्स से मोर की ट्रॉफी बरामद हुई, जबकि दूसरे बाक्स से वॉलरस हेड जैसी ट्रॉफी और लकड़ी का एक टुकड़ा बरामद हुआ। इसके साथ बैकपैक से निजी इस्तेमाल का सामान भी बरामद किया गया। वहीं आरोपी के कब्जे से कस्टम विभाग ने मोबाइल भी कब्जे में लिया है। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में मास्टरमाइंड का भी खुलासा होने की उम्मीद है। जब उक्त सामान की बरामदगी हुई तो आरोपी ने कहा कि सभी ट्रॉफियां नकली आर्टिफिशियल हैं, लेकिन कस्टम्स अधिकारियों ने उसकी बात पर कोई विश्वास नहीं किया। शक के आधार पर मौके पर वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम को मौके पर बुलाया गया। विभाग के अधिकारियों प्रारंभिक जांच में बताया कि बरामद ट्रॉफी में से एक मोर से बनी प्रतीत होती है, जो वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की शेड्यूल-1 सूची में शामिल है। इसकी तस्करी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद कस्टम्स ने सभी बरामद वस्तुओं को कस्टम्स एक्ट की धारा 110 के तहत जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पर कस्टम एक्ट की धारा 135 और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


