भास्कर न्यूज | जालंधर चंडीगढ़ डिस्ट्रिक कोर्ट के आदेश पर निगम का 3 करोड़ का खाता फ्रीज कर दिया गया है। नगम ने कोर्ट में खाता चालू करने के लिए अर्जी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम और जिंदल का केस विचाराधीन है। वैसे आर्बिट्रेशन कोर्ट ने साल 2021 में निगम को 204 करोड़ का भुगतान करने के आदेश दिए थे, लेकिन निगम ने भुगतान नहीं किया। इस पर कंपनी ने चंडीगढ़ डिस्ट्रिक कोर्ट से निगम का खाता सील करा दिया है। ऐसे में निगम का 3 करोड़ का खाता सील किया है। इस वजह से ठेकेदारों का भुगतान पेंडिंग हो गया है। खाता फ्रीज होने की पुष्टि हेल्थ ऑफिसर डॉ. श्रीकृष्ण शर्मा ने की है। जिक्रयोग है कि नगर निगम और जिंदल कंपनी के बीच का विवाद मुख्य रूप से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इसको लेकर 2011-12 में कचरा प्रबंधन के लिए समझौता हुआ था, लेकिन कंपनी जमशेर गांव में प्रस्तावित प्लांट स्थापित नहीं कर सकी। कंपनी का आरोप था कि निगम जमीन अधिग्रहण और स्थानीय विरोध सुलझाने में विफल रहा, जबकि निगम ने कंपनी पर काम शुरू न करने का आरोप लगाया। इस पर विवाद होने पर मामला आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) में गया, जहां 2022 में ट्रिब्यूनल ने निगम को दोषी मानते हुए कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया।


