जालंधर | हुकुमनामे के बाद पुन सुरजीत शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में एक नई उम्मीद जगाई है। इसी पंथक जज्बे को देखते हुए बादल गुट और भाजपा के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सहित परमजीत सिंह सरना, विरसा सिंह वल्टोहा की तथाकथित बयानबाजी से उनकी घबराहट साफ नजर आ रही है। इस मामले पर जत्थेदार गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि जिस अकाली दल को अकाल तख्त साहिब का संरक्षण प्राप्त है, उसके आगे बढ़ने को ये तथाकथित नेता सहन नहीं कर पा रहे। हमारे वर्कर पार्टी को मज़बूत करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं।


