पीटीआई भर्ती-22 में फर्जी डिग्री मामला:एसओजी के भोपाल और सीहोर में सत्यसाईं यूनिवर्सिटी कैंपस सहित 4 ठिकानों पर छापे

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पीटीआई भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी पाने के मामले में बुधवार काे एसओजी जयपुर की 5 टीमों ने भोपाल और सीहोर में सर्च ऑपरेशन चलाया। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि कार्रवाई के तहत सीहोर स्थित श्री सत्यसाईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस के कैंपस समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की गई। टीम ने कई अहम दस्तावेज और तकनीकी उपकरण जब्त किए हैं। एसओजी के एएसपी राजेश मेश्राम के नेतृत्व में सर्चिंग की कार्रवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी। इस बार सर्च टीम के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट व डिजिटल-साइबर एक्सपर्ट भी भेजे गए हैं। एसओजी की जांच में सामने आया है कि पीटीआई भर्ती में इस यूनिवर्सिटी की डिग्री लगाकर 67 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली थी। एसओजी का अंदेशा है कि ये डिग्रियां फर्जी तरीके से हासिल की गई हैं। दरअसल, जब अभ्यर्थियों ने भर्ती का ऑनलाइन फॉर्म भरा था, उस समय डिग्री लेने की लोकेशन कुछ और दर्शाई गई थी, जबकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान श्री सत्यसाईं यूनिवर्सिटी की डिग्रियां पेश की गईं। एसओजी में डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि इस मामले में जयपुर में पांच अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान यूनिवर्सिटी प्रबंधन से संबंधित डिग्रियों के दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन नोटिस देने के बावजूद दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद एसओजी ने जयपुर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि करीब 40 सदस्यीय एसओजी टीम भोपाल और सीहोर पहुंची। इसमें 3 एएसपी, 3 डीएसपी और 3 इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम को चार ग्रुप में बांटा गया। एक साथ सीहोर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस, भोपाल के अरेरा कॉलोनी स्थित कपूर हाउस, यूनिवर्सिटी प्रबंधन के सीए के निवास और गांधी नगर स्थित आरकेडीएफ कॉलेज में सर्चिंग की गई। उनका कहना है कि जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की जांच के बाद फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसओजी ने पीटीआई भर्ती परीक्षा‑2022 में फर्जी डिग्री घोटाले में अब तक 165 से ज्यादा अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी बीपीएड डिग्रियां हासिल कर भर्ती प्रक्रिया में नौकरी पाई थी। एसओजी की जांच में यह पता चला कि अधिकांश अभ्यर्थी कॉलेज ही नहीं गए और डिग्रियां खरीद कर नौकरी प्राप्त कर ली।

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