600KG सोना दान करने वाली दरभंगा महारानी का भोज:1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम, 5 लाख रसगुल्ले बने; राज्यपाल-साधु संत भी शामिल

दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी की तेरहवीं पर आज गुरुवार को महाभोज हो रहा है। इसमें 1 लाख लोगों के खाने का इंतजाम किया गया है। बाल्टियों में दही, टब में गुलाब जामुन भरकर तैयार हैं। करीब 5 लाख मिठाइयां बनाई गई हैं। इस भोज में देश के कई राजघरानों के लोग शामिल हो रहे हैं। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ साधु-संत भी इसमें शामिल हुए। 56 भोग, पारंपरिक मिथिला व्यंजन, 5 तरह की मिठाइयां और राजसी खान-पान की व्यवस्था की गई है। आयोजकों के अनुसार, करीब 3,000 तरह के व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। भोज के लिए करीब 300 कारीगरों की टीम बुलाई गई है। बुधवार को श्राद्ध पर 50 हजार लोगों को भोज दिया गया था। अब महाभोज की तस्वीरें देखिए… 12 जनवरी को अंतिम महारानी का हुआ निधन दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी का 12 जनवरी को निधन हो गया था। वे कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। 96 साल की उम्र में राज परिवार के कल्याणी निवास में अंतिम सांस लीं। युवराज कपिलेश्वर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा, ‘महारानी का जाना हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। कड़ी सुरक्षा के बीच महारानी का अंतिम संस्कार दरभंगा राज परिसर में पारंपरिक विधि-विधान से किया गया। बता दे कि कामेश्वर नगर स्थित मधेश्वरनाथ परिसर में राज परिवार के सभी महाराज-महारानी का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। पूरे में परिसर में जितने भी महाराजाओं की चिता है सभी पर कोई ना कोई मंदिर बना है। पूरे परिसर में 9 मंदिर बनाए गए हैं। तेरहवीं के भोज से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

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