कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार का मनरेगा को निरस्त करना महात्मा गांधी के नाम को जनमानस से मिटाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संसद के आगामी बजट सत्र में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि लोगों को एकजुट होना चाहिए और सरकार को नया कानून लागू नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा को निरस्त करने का उद्देश्य महात्मा गांधी का नाम सार्वजनिक स्मृति से हटाना और ग्राम स्वराज की अवधारणा को कमजोर करना है। कांग्रेस देशभर में कर रही है बिल का विरोध सम्मेलन में देश भर के श्रमिकों ने भाग लिया और अपने कार्यस्थलों से मुट्ठी भर मिट्टी लाकर खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में प्रतीकात्मक रूप से पौधों में डाली। कांग्रेस ने 10 जनवरी को यूपीए सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त किए जाने के विरोध में 45 दिनी राष्ट्रव्यापी अभियान मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत की थी। विपक्षी दल ‘विक्षित भारत – रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम’ को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में, यानी काम करने के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बरकरार रखते हुए, एक अधिकार-आधारित कानून के रूप में बहाल करने की मांग कर रहा है।
ये खबर भी पढ़ें: हंगामे के बीच VB–G RAM G बिल संसद से पास:विपक्ष ने कागज फाड़े; शिवराज बोले- चुनावी फायदे के लिए जोड़ा था गांधी का नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने गुरुवार (19 दिसंबर 2025) को दोनों सदनों में विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। इस दौरान विपक्ष ने बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और कागज फेंके। हंगामे के बीच बिल ध्वनि मत से पास हो गया। पढ़ें पूरी खबर…


