पीकेसी-ईआरसीपी:4 साल में 8 जिलों तक पहुंचेगा पानी, मिटेगा पेयजल संकट

प्रदेश की सबसे बड़ी पानी की पीकेसी-ईआरसीपी लिंक परियोजना से 4 साल में 8 जिलों (पुराने 33 जिलों के हिसाब से) को पेयजल का लाभ मिलने लगेगा। तैयारी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को जयपुर में इसका शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही कई वर्षों से भाजपा-कांग्रेस में राजनीतिक मुद्दा रहे प्रोजेक्ट से 21 जिलों के लोगों को पेयजल की बड़ी समस्या का समाधान मिलेगा। इसके तहत नवनेरा बैराज से पानी गलवा बांध तक, फिर दो हिस्सों में ईसरदा बांध और बीसलपुर बांध पहुंचेगा। नवनेरा से चंबल नदी पर जल सेतु बनाकर पानी मेज नदी तक आएगा। यहां से पंपिंग कर पहले से बने गलवा बांध तक आएगा। गलवा से करीब 31 किमी दूर ईसरदा तक पहुंचेगा। गलवा से पहले पानी 12 किमी नदी से, करीब 10 किमी पाइपलाइन से और 57 किमी तक लंबी नहर के जरिए बीसलपुर बांध तक लाया जाएगा। सीएम ने पूंछरी का लौठा व गोवर्धन परिक्रमा प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया सीएम भजनलाल शर्मा ने रविवार को पूंछरी का लौठा व गोवर्धन परिक्रमा विकास प्रोजेक्ट शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि परिक्रमा पथ का विकास 4 जोन में बांटकर किया जाएगा। चौथे जोन में 250 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित होगी। इस मौके पर वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने क्षेत्र में विकास के लिए 100 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। दो बैराज का शिलान्यास भी मालूम हो कि सीएम भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में मध्य प्रदेश सीएम डॉ. मोहन यादव से बात कर विवाद खत्म किया था। दोनों सरकारों को राजी कर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाते हुए एमओयू किया गया। इसी प्रोजेक्ट के लिए अब कूल नदी पर रामगढ़ बैराज और पार्वती नदी पर महलपुर बैराज का निर्माण होगा। स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद इन दोनों बैराज से सरप्लस पानी को कालीसिंध नदी पर बने नवनेरा बैराज में लाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी इन दोनों बैराज के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी करेंगे। फायदा : भूजल स्तर बढ़ेगा, सिंचाई के लिए पानी मिलेगा
नवनेरा बांध से बीसलपुर व ईसरदा तक जुड़ने वाले प्रोजेक्ट से 8 जिलों को पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनमें भरने वाले बांधों का लाभ पेयजल के लिए ही नहीं, सिंचिंत क्षेत्र को भी मिलेगा। बांध भरने से जमीन के पानी का स्तर भी बढ़ने की उम्मीद है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *