वर्ष 2025 के लिए 15 दिन शेष हैं। नववर्ष में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग परिसर में पांच बड़े बदलाव धरातल पर उतारने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह सभी काम होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन, पूजन में सुविधा होगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ का कहना है कि मंदिर विस्तार योजना के अंतर्गत किए जा रहे कामों में गति लाई जा रही है। वर्ष 2025 में इन कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद श्रद्धालुओं को एक अलग ही अनुभूति होगी। इसके अलावा उन्हें मंदिर के हर गेट पर यह जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी कि मंदिर में कौन कौन सी पूजा करवाई जा सकती है और उनके लिए कितना शुल्क देना होगा। श्री महाकाल महालोक के दूसरे चरण में 755.82 करोड़ रुपए के हो रहे काम
श्री महाकाल मंदिर विस्तार योजना के तहत महाकाल महालोक के दूसरे चरण में 755.82 करोड़ के काम किए जा रहे हैं। इसके लिए 317.86 करोड़ स्मार्ट सिटी मिशन, 44.50 करोड़ महाकालेश्वर प्रबंध समिति, 22.50 करोड़ दानदाताओं से वित्त पोषित, 209 करोड़ भारत सरकार से वित्त पोषित और 161.96 करोड़ राज्य सरकार से बजट मिला है। जानिए… महाकालेश्वर मंदिर विस्तार योजना के वे काम जो वर्ष 2025 में पूरे कर लिए जाएंगे 1. 20.28 करोड़ से महाकाल मंदिर परिसर का आंतरिक विकास कार्य
मंदिर परिसर में पाथ-वे और फ्लोरिंग का काम किया जा रहा है। न्यू वेटिंग हॉल से गणेश मंडपम् को जोड़ने का काम किया जाएगा। यूडीए 20.28 करोड़ में श्री महाकाल मंदिर परिसर में वेटिंग हॉल के अंदर व बाहर वेटिंग हॉल, टनल, मार्बल गलियारा व दर्शन हॉल में फसाड लाइट लगाने का काम कर रहा है। यूडीए के इंजीनियर शैलेंद्र जैन के अनुसार न्यू वेटिंग हॉल का काम 80 फीसदी पूरा हो गया है। 2. 32.50 करोड़ रुपए से रुद्रसागर में दिखाई-सुनाई देगी शिवगाथा
महाकाल लोक के साथ रुद्रसागर में शिव महापुराण के साथ शिव से जुड़े प्रसंग दिखाई और सुनाई देंगे। यह काम एमपीएसटीडीसीएल के माध्यम से किया जा रहा है। यह काम होने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालु दर्शन, पूजन, महाकाल लोक भ्रमण के साथ लेजर एवं वाटर स्क्रीन शो के जरिए महाकालेश्वर से जुड़ी पौराणिक कथाओं से रूबरू हो सकेंगे। 3. 25.22 करोड़ से रुद्रसागर पैदल पुल का निर्माण, एक बार में 500 निकलेंगे
त्रिवेणी-चारधाम मार्ग से मानसरोवर-श्री महाकाल महालोक जाने के लिए रुद्रसागर पर 200 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा पैदल पुल बनाएंगे। रुद्रसागर पुल के पोस्ट और फसाड श्री महाकाल महालोक की थीम पर आधारित होंगे। पैदल पुल से एक बार में 500 दर्शनार्थी सीधे मानसरोवर गेट पहुंच सकेंगे। इससे दर्शन के लिए एक और मार्ग भी मिल जाएगा। 4. 16.10 करोड़ से रुद्रसागर शिखर दर्शन परियोजना
पूर्व के अन्न क्षेत्र एवं प्रवचन हॉल को हटाकर वैदिक आधारित लैंडस्केपिंग कर शिखर दर्शन को सुगम बनाया गया है। इसका क्षेत्रफल 52 हजार वर्गफीट है। यहां पुजारी कक्ष, विशिष्ट अतिथि कक्ष, भोग सामग्री, रसोई कक्ष और मीडिया कक्ष बनाएंगे। साथ ही बड़ा गणेश के सामने से श्रद्धालुओं को सीधे शिखर दर्शन भी करवाया जा सकेगा। 5. प्रवेश द्वार पर लगाएंगे फ्लैप बैरियर, यहां टिकट स्कैन कर दे सकेंगे प्रवेश
दर्शन अनुरोधों को पंजीकृत करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाएंगे। इससे विशेष क्यूआर कोड के साथ टिकट जारी करना शुरू कर दिए हैं। डिजिटल भुगतान और मोबाइल पर ई-पास बनाने का काम भी शुरू हो गया है। प्रवेश द्वार पर फ्लैप बैरियर स्थापित करने की योजना भी है। भक्त मंदिर में प्रवेश के लिए बैरियर पर टिकट क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे।


