फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से कर रहे खिलवाड़‎:बड़वानी; हाट बाजार में साप्ताहिक अस्पताल, खटिया पर मरीज और छत से लटकाई स्लाइन

चैरवी (बड़वानी) से सुनील उमरवाल/दीप चौरे की रिपोर्ट आपने अब तक सुना होगा कि साप्ताहिक हाट बाजार में सब्जी, कपड़े, किराना का सामान मिलता है। लेकिन बड़वानी जिले के पाटी ब्लॉक के चैरवी में साप्ताहिक हाट बाजार में इलाज भी मिलता है। यहां पर हाट बाजार के दिन फर्जी डॉक्टरों की दुकानें लगती हैं। ये छोटी सी दुकान में खटिया डालकर अस्पताल बना लेते हैं, जिसमें रस्सी बांधकर मरीजों को स्लाइन भी चढ़ाई जाती है। वहीं इलाज कराने आए ग्रामीण काशीराम सुरेश का कहना है कि चैरवी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन वहां पर इलाज सही नहीं मिलता। डॉक्टर भी समय पर नहीं मिलते हैं। ये डॉक्टर, ऑपरेशन छोड़कर बाकी सब इलाज करते हैं। चैरवी की आबादी करीब 150 है। चैरवी के साथ आसपास के 10 से 12 गांव के लोग भी हाट बाजार में इलाज कराने आते हैं। फर्जी डॉक्टर बिना बोर्ड लगाए कमरों में 4 से 5 खटिया डालकर 50 रु. फीस लेकर 250 रुपए में स्लाइन तक चढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का भी भरोसा फर्जी डॉक्टरों पर है जो एलोपैथी दवाएं देकर इंजेक्शन तक लगा रहे हैं। लेकिन यह लोगों की जान से खिलवाड़ है। जिले के अंतिम छोर पर महाराष्ट्र की सीमा से सटे गांव चैरवी से लेकर पाटी के पहाड़ी क्षेत्र में 45 किमी में रोसर, लिंबी, बमनाली में उप स्वास्थ्य केंद्र, पाटी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व रोसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से फर्जी डॉक्टरों की दुकानें चल रही है। चैरवी के हाट बाजार में सुखदेव विश्वास एक कमरे में चार से पांच मरीजों को खटिया पर लेटाकर स्लाइन चढ़ा रहे थे। डिग्री के बारे में पूछा तो वे नहीं बता पाए। सिर्फ इतना ही बोला की बीएमएस कर रखा है (जो आयुर्वेद उपचार के लिहाज से ठीक है)। ग्रामीण काशीराम सुरेश ने कहा सरकारी अस्पताल जाने पर इलाज सही नहीं मिलता। यहीं हमारे लिए भगवान है। एक वर्षीय डिग्री पर इलाज पाटी के बबलू सरकार ने किराये का कमरा लेकर दुकान खोल रखी है। भास्कर टीम पहुंची तो इन्होंने मरीजों को बाहर भेज दिया। जब इनसे डिग्री के बारे में पूछा तो बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि भोपाल से एक वर्षीय पाठ्यक्रम की डिग्री ली है। अंकसूची भी कमरे में चस्पा कर रखी है। झोले में दवाइयां लेकर पहुंचते हैं चैरवी के साप्ताहिक हाट बाजार में पाटी में रहने वाले अलीमुद्दीन सिद्दकी ने भी इलाज की दुकान खोल रखी है। जो झोले में एलोपैथी दवाइयां लेकर रविवार को पहुंचते हैं। इन्होंने अपने साथ एक कर्मचारी भी रख रखा है। दिनभर ग्रामीणों का इलाज कर शाम होते ही दवाइयां झोले में समेट कर वापस लौट आते। जब इनसे डिग्री के बारे में चर्चा की तो यह कुछ भी जवाब नहीं दे पाए। उलट यह पूछने लगे कि आप होते कौन है और आए कहां से है। कोई फर्जीवाड़ा करता पाया गया तो सील करेंगे साप्ताहिक हाट बाजार में अगर फर्जी डॉक्टर इलाज कर रहे हैं तो हमारी गठित टीमें कार्रवाई करेंगी। सभी बीएमओ को फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश हैं। कोई फर्जीवाड़ा करता पाया गया तो सील करेंगे। -डॉ. सुरेखा जमरे, सीएमएचओ

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