जिले में लावारिस अवस्था में मिली एक नवजात बालिका का सुरक्षित इलाज, संरक्षण और स्वागत किया गया। बालिका को राजकीय सामान्य चिकित्सालय से दत्तक ग्रहण एजेंसी तक ढोल-नगाड़ों और फूल वर्षा के साथ ले जाया गया, जहां उसका भव्य स्वागत किया गया। यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के देखरेख में संपन्न हुआ। यह नवजात बालिका हिण्डौन सिटी के अग्रसेन कॉलेज, बरगमा रोड पर लावारिस मिली थी। पुलिस थाना कोतवाली हिण्डौन सिटी द्वारा उसे जिला बाल कल्याण समिति, करौली के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर बालिका को राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, करौली में प्रवेशित कराया गया और उपचार के लिए राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली में भर्ती किया गया। समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से बालिका का नाम ‘जहान्वी’ रखा। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद बालिका को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस अवसर पर, बालिका को राजकीय सामान्य चिकित्सालय से दत्तक ग्रहण एजेंसी तक ढोल-नगाड़ों और फूल वर्षा के साथ ले जाया गया, जहां उसका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता चौधरी ने आमजन को ‘पालना गृह’ योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपील की कि लावारिस नवजात मिलने पर उन्हें सुरक्षित रूप से पालना गृह या अस्पताल तक पहुंचाया जाए, जहां उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में जिला एवं सेशन न्यायाधीश माधवी दिनकर ने बालिका का स्वागत किया। उन्होंने सर्दी को देखते हुए उसे गर्म कपड़े और खिलौने भेंट किए। न्यायाधीश दिनकर ने बालिकाओं को स्नेह, साहस और आत्मबल का प्रतीक बताते हुए उनके संरक्षण और समान अवसर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में, चिकित्सालय और शिशु संरक्षण से जुड़े स्टाफ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।


