शनि मंदिर, गणपति मंदिर, बड़ा रावला, चंद्रभागा जैसे क्षेत्र में हेरिटेज की तरह नजर आने वाली बसाहट अपनी मौलिकता को कायम रखे हुए है। इसके बावजूद सरकार और शहर की सीरत और सूरत का ध्यान रखने वाला नगर निगम भी जूनी इंदौर की विरासत को नया करने या सहेजने पर ध्यान नहीं दे रहा है। यहां की गलियां खुदी पड़ी हैं। क्षेत्र की तीन मुख्य सड़कें रावजी बाजार, हाथीपाला, चंद्रभागा का काम नगर निगम ने शुरू किया। इसके लिए लोगों ने अपने मकान भी हटा लिए, लेकिन इनका काम अब तक पूरा नहीं हुआ।
करीब तीन साल से जूनी इंदौर क्षेत्र के रहवासी इन खुदी सड़कों की यातना भुगत रहे हैं। बारिश में कीचड़ व गड्ढों के कारण परेशानी होती है। ठंड और गर्मी में खुदी सड़कों से धूल उड़ती है। जबकि सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले बाजार सियागंज, छावनी, लोहा मंडी इसी क्षेत्र का हिस्सा हैं। क्षेत्र के नागरिकों कहना है कि सरकार और निगम हमारी सेहत-सुविधा के लिए ही नहीं, शहर की विरासत नगरी के तौर पर ही इसे सहेज ले तो क्षेत्र को राहत मिलेगी।
यदि इन तीनों सड़कों को बना दिया जाए तो एमजी रोड, जवाहर मार्ग से 20 से 30 फीसदी ट्रैफिक कम किया जा सकता है। खास कर दो पहिया वाहनों को यहां से एबी रोड व रीगल की ओर आने जाने के सुगम रास्ते मिल सकेंगे। सभी निर्माण प्राथमिकता में हैं
^जूनी इंदौर की सभी सड़कों के काम निगम की प्राथमिकता में हैं। सरवटे से गंगवाल का काम भी जल्द ही शुरू होगा। जबरन कॉलोनी वाली सड़क का भी काम तेजी से करेंगे। क्योंकि यह अहम सड़कें हैं। – राजेंद्र राठौर, एमआईसी प्रभारी जनकार्य विभाग रावजी बाजार, हाथीपाला, चंद्रभागा मेन रोड अधूरी बनी, बिजली के खंभे भी नहीं हट रहे अंदर गलियों में भी हालत खराब समाधान – इन्हें पूरा बना दें तो कई मार्गों का ट्रैफिक होगा सुगम एक्सपर्ट : अतुल सेठ, आर्किटेक्ट व मास्टर प्लान विशेषज्ञ) जूनी इंदौर, पश्चिम इंदौर व मध्य शहर के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। यहां से कई रास्ते कलेक्टोरेट को सीधे जोड़ते हैं। मास्टर प्लान के अनुसार इन्हें बना दें तो कलेक्टोरेट की ओर आवाजाही के लिए बड़े ट्रैफिक को रास्ता मिल सकेगा। इससे जवाहर मार्ग, एमजी रोड पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी। रास्ता नंबर 1 – नगर निगम ने जवाहर मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए सरवटे बस स्टैंड से जूनी इंदौर, गौतमपुरा, पंढरीनाथ, मच्छी बाजार, बियाबानी होते हुए गंगवाल बस स्टैंड लाबरिया भेरू के बीच सड़क का प्लान तैयार किया। इसे कई जगह पर बना भी दिया। जवाहर मार्ग के समांतर यह रोड हाथीपाला, रीगल से कलेक्टोरेट व पश्चिम इंदौर की ओर आवाजाही के लिए तैयार की गई थी। इसका जूनी इंदौर वाला बड़ा हिस्सा रावजी बाजार-चंद्रभाग नहीं बना है।
ऐसे होगा फायदा – यह सड़क पूरी बन जाए तो हाथी पाला व सरवटे बस स्टैंड की ओर से आने वाले वाहन सीधे इस रोड से मालगंज, महूनाका, कलेक्टोरेट, पलसीकर की ओर आवाजाही कर सकेंगे। रास्ता नंबर 2 – गाड़ी अड्डा ब्रिज बनने से जूनी इंदौर से लोहा मंडी, नौलखा की ओर राह आसान हुई। इसके लिए पलसीकर से जबरन कॉलोनी रावजी बाजार थाना तक सड़क बनाना है। निगम ने दो साल पहले काम शुरू किया। आधी बना दी, लेकिन एक ओर की सड़क नहीं बन रही है। वर्तमान में यह खुदी पड़ी है।
ऐसे होगा फायदा – 100 फीट की यह सड़क बन जाएगी तो कलेक्टोरेट, पलसीकर से सरवटे, नौलखा, छावनी, रीगल की ओर आवाजाही के लिए आसान रास्ता मिल जाएगा। जिन्हें रीगल, पलासिया जाने के लिए राजबाड़ा, एमजी रोड से जाना होता है, वह इस रास्ते का उपयोग करके आसानी से आ-जा सकेंगे। रास्ता नंबर 3 – जवाहर मार्ग से गाड़ी अड्डा ब्रिज की तीसरी भुजा से कनेक्टिवटी के लिए जूनी इंदौर मुक्तिधाम के समीप, चंपाबाग व हाथीपाला क्षेत्र की सड़कें बनाकर अतिक्रमण हटाने की जरूरत है।
ऐसे होगा फायदा- चंपाबाग व हाथी पाला ब्रिज बन गए हैं। इनसे जवाहर मार्ग की ओर से जूनी इंदौर होकर कलेक्टोरेट, मालगंज, पंढरीनाथ की ओर जाने वाले वाहन चालक आवाजाही कर सकते हैं। गाड़ी अड्डा ब्रिज की तीसरी भुजा की ओर भी आवाजाही बढ़ेगी।


